बिलासपुर : दिनांक 19/08/24 को ग्राम लगरा निवासी संतोषी केवट ने मोपका थाना सरकंडा के पुलिस सहायता केंद्र में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके बेटे, छत लाल केवट (उम्र 30 वर्ष), की निर्मम हत्या कर दी गई है। हत्या के पीछे जमीन विवाद और पुरानी रंजिश थी।
जिसमें आरोपी हेमंत, धर्मेंद्र, और जितेंद्र केवट ने अपनी पिता तिलक केवट की हत्या का बदला लेने के इरादे से योजना बनाई थी। तीनों भाईयों ने मिलकर बजरंग चौक, लगरा में छत लाल पर लोहे की फरसा से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
घटना की रिपोर्ट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। दो आरोपी, हेमंत और धर्मेंद्र केवट, को उसी दिन गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया, जबकि तीसरा आरोपी, जितेंद्र केवट, घटना के बाद से फरार हो गया था।
दिनांक 25/08/2024 को मुखबिर से सूचना मिली कि फरार आरोपी जितेंद्र केवट रतनपुर महामाया मंदिर के पास देखा गया है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान जितेंद्र ने अपना अपराध स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की फरसा उसके घर में स्थित धान कोठी से बरामद की गई। इसके बाद, आरोपी जितेंद्र केवट को दिनांक 26/08/2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
यह घटना पुरानी रंजिश और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर की गई एक साजिश का नतीजा थी। पुलिस की तत्परता और कुशलता से आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय की दिशा में एक कदम और बढ़ाया गया।
Author: Deepak Mittal










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