पालकी में बैठ गाजेबाजे के साथ भगवान जगन्नाथ को ढूंढने निकली माता लक्ष्मी – मना हेरा पंचमी पर्व

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पालकी में बैठ गाजेबाजे के साथ भगवान जगन्नाथ को ढूंढने निकली माता लक्ष्मी – मना हेरा पंचमी पर्व

राजेन्द्र सक्सेना जिला प्रमुख दंतेवाड़ा 94255 94944 नवभारत टाइम्स 24×7.in

 

 

दंतेवाड़ा — श्री श्री भगवान जगन्नाथ सेवा समिति एवं उत्कल समाज विकास समिति किरंदुल के द्वारा हेरापंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया ।इस दौरान माता लक्ष्मी की पालकी भगवान जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक गाजेबाजे के साथ निकाली गई । पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ जी रथयात्रा पर निकलने से पहले मां लक्ष्मी से कह कर निकले थे कि वह जल्दी वापस लौट आएंगे। मां लक्ष्मी उनके जल्दी लौट आने का इंतजार करती रहती है। लेकिन जब भगवान पांचवें दिन भी वापस नहीं आते है तो मां लक्ष्मी पालकी में बैठकर उनको ढूंढने के लिए निकलती है। मां लक्ष्मी भगवान जगन्नाथ को ढूंढते हुए गुंडीचा मंदिर पहुंच जाती है । मां लक्ष्मी की पालकी नंदी घोष रथ के समीप रूकती है तो भगवान के सेवक उनका स्वागत करते हैं। जब भगवान को पता चलता है कि लक्ष्मी जी क्रोध में उनसे मिलने आई है तो वह सेवकों को द्वार बंद करने का आदेश देते हैं। भगवान के सेवक दरवाजा बंद कर लेते हैं जिससे क्रोधित होकर मां लक्ष्मी भगवान जगन्नाथ को व्यंग से कहती हैं कि,” अब आपको अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा मुझ से अधिक प्रिय है गए हैं, इसलिए अपने मंदिर के किवाड़ बंद कर लिए। उसके पश्चात भगवान जगन्नाथ उनको मनाने जाते हैं और क्षमा मांगकर और मनोहार कर उनको मनाते है। भगवान उनको जल्दी वापस आने का वचन देते हैं। अपनी उपेक्षा से क्रोधित होकर मां लक्ष्मी वहां से चली जाती है। लेकिन नाराज मां लक्ष्मी जाते-जाते जगन्नाथ जी के रथ का एक भाग तोड़ जाती है । इस दौरान भगवान जगन्नाथ सेवा समिति एवं उत्कल समाज सेवा समिति के सदस्य विशेष रूप से मौजूद रहे ।

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Author: Deepak Mittal

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