झोपड़ी तोड़ने के दौरान फिर से विवाद, अपात्र भी मांग रहे पक्का मकान
नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
बिलासपुर। शहर को झोपड़ी मुक्त बनाने और क्षेत्र का विकास करने के उद्देश्य से इन अवैध झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। झोपड़ी में रहने वालों को अटल आवास बहतराई में पक्का मकान आबंटित किया जा रहा है। यह कार्रवाई देर रात तक चली। लेकिन इन सब के बीच मंगलवार को जमकर विवाद हुआ।
मेलापारा चांटीडीह के 740 अवैध झोपड़ियों को तोड़ने की कार्रवाई का मंगलवार को पांचवा दिन रहा। इस दौरान अवैध झोपड़ियां तोड़ने के दौरान रहवासियों ने जमकर विवाद किया और कार्रवाई रोकने की कोशिश की। विवाद की स्थिति इसलिए बनी की अपात्र भी पक्के मकान मांग रहे थे। पांच दिन के भीतर 600 से ज्यादा झोपड़ी पर बुलडोजर चल चुका है।
नगर निगम द्वारा शहर को झोपड़ी मुक्त बनाने और क्षेत्र के विकास के उद्देश्य से इन अवैध झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। झोपड़ी में रहने वालों को अटल आवास बहतराई में पक्का मकान आबंटित किया जा रहा है। यह कार्रवाई देर रात तक चली। लेकिन इन सब के बीच मंगलवार को जमकर विवाद हुआ। जहां एक ही परिवार के दो सदस्य पक्का मकान देने की मांग पर अड़ गए। इसी वजह से तनाव की स्थिति बनी। हालांकि पुलिस टीम की तैनाती की वजह से स्थिति नियंत्रण में आ गई। निगम के अनुसार पूरी झोपड़ी तोड़ने में दो से तीन दिन का समय और लगेगा।
आने वाले दिनों में भी चलेगी कार्रवाई
अभी भी 50 से ज्यादा झोपड़ी तोड़ना बाकी है। टीम के मुताबिक झोपड़ी तोड़ने और रहवासियों को शिफ्ट कराने के काम में अभी दो से तीन दिन तक का समय लग सकता है। ऐसे में मौके पर टीम को रखा गया है। विवाद और तनाव की आशंका को भी दूर नहीं किया जा सक
Author: Deepak Mittal









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