सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने किया मरीज के दोनों कूल्हों का सफल प्रत्यारोपण..

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सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने किया मरीज के दोनों कूल्हों का सफल प्रत्यारोपण..

 

निर्मल अग्रवाल ब्यूरो प्रमुख मुंगेली नवभारत टाइम्स 24×7.in

 

मुंगेली। इस आधुनिक चकाचौंध भरी दुनिया में लोगों ने सरकारी अस्पतालों के प्रति अलग ही नजरिया अपना लिया है. तमाम सुविधाएं होने के बावजूद लोग सरकारी अस्पतालों में न जाकर निजी अस्पतालों का रुख करते हैं. लेकिन मुंगेली के जिला अस्पताल में इन दिनों इसके विपरीत स्थिति निर्मित हो रही है. दरअसल, यहां निजी अस्पताल में लाखों रुपये गंवाने के बाद भी कूल्हे के दर्द से परेशान व्यक्ति को इलाज से राहत नहीं मिलने पर मुंगेली के जिला अस्पताल पहुंचा. जहां पदस्थ डॉक्टर अस्थि रोग और जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉक्टर श्रेयांश पारख की टीम ने दोनों कूल्हों का जटिल और सफल प्रत्यारोपण कर बिना किसी खर्च के वो राहत पहुंचाई है, जो कि निजी अस्पताल में लाखों खर्च के बाद भी नहीं मिल सका.

जानिए पूरा प्रकरण

52 वर्षीय मुंगेली निवासी लूणकरण देवांगन काफी समय से कूल्हों के दर्द से परेशान थे. चलना-फिरना और दैनिक कार्यों की पूर्ति में भी काफी समस्या का सामना करना पड़ता था. कई बार डॉक्टरी परामर्श और दवाइयों में लाखों खर्च के बाद भी कोई आराम नहीं मिल पा रहा था. रोज बढ़ती समस्या और दर्द से मनोबल भी टूटने लगा था.

 

मरीज को जिला अस्पताल पहुंचने पर मिली राहत-

पहली आशा की किरण नजर तब आई जब वह परामर्श के लिए जिले अस्पताल मुंगेली पहुंचे. अस्थि रोग एवं जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. श्रेयांश पारख ने मरीज का एक्सरे और खून जांच करवाते हुए संपूर्ण परीक्षण के बाद बताया कि उनके दोनों कूल्हें गठिया वात की वजह से पूरी तरह घिस चुके हैं और उन्हें दोनों कूल्हों का प्रत्यारोपण कर कृत्रिम कूल्हे लगवाने की सलाह दी. घरेलू चर्चा के बाद मरीज और परिजनों ने ऑपरेशन के लिए अपनी सहमति प्रदान की और मरीज अस्पताल में भर्ती हुआ. कुछ समय के अंतराल में एक-एक करके दोनों कूल्हों का प्रत्यारोपण डॉ. श्रेयांश पारख और उनकी अनुभवी टीम ने सफलता पूर्वक किया.

 

ऑपरेशन के अगले ही दिन लूणकरण देवांगन अपने पैरों पर वॉकर के सहारे चलने लगे. डॉक्टरों ने उन्हें नियमित व्यायाम की सलाह देते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी. मरीज और परिजनों ने डॉक्टरों की टीम सिविल सर्जन डॉ एम के राय और अस्पताल प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए उनके काम की सराहना की. मरीज बिना सहारे अपने पैरों पे चल पा रहा हैं और अपने दैनिक कार्यों को बिना परेशानी के निभा रहा है.

 

अस्पताल प्रबंधन की बड़ी उपलब्धि-

एक ही मरीज के दोनों कूल्हें का सफल प्रत्यारोपण जिला अस्पताल मुंगेली के लिये एक बड़ी उपलब्धि हैं. हाल ही में 26 वर्षीय मुंगेली निवासी महेश्वर के कूल्हे की कटोरी (एसिटाबुलम) का सड़क दुर्घटना में हुए फ्रैक्चर के निवारण के लिए डॉ श्रेयांश पारख और टीम ने जटिल हाई रिस्क सर्जरी कर विशेष प्लेट लगाकर महेश्वर को फिर से चलने योग्य बनाया और उन्हें लाखों के खर्चे से बचाकर निःशुल्क लाभ पहुंचाया. ऐसे कई जटिल ऑपरेशन कर यह शासकीय अस्पताल अपनी ख्याति बिखेरते हुए मुंगेली समेत अनेक जिलो के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा हैं.

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Author: Deepak Mittal

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