नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
जशपुर मुनादी। बीजेपी के वरिष्ठ आदिवासी नेता और प्रदेश के पूर्व मंत्री गणेशराम भगत ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि जिले का वन विभाग बिचौलियों और दलालों से मिलकर पूरे जंगल को साफ करने में लगा है। एक ओर पर्यावरण, जल, जंगल और जमीन को बचाने की बात चल रही है, तो दूसरी ओर सरकार के नुमाइंदे दलालों और माफियाओं से मिलकर पर्यावरण को नष्ट करने पर तुले हुए हैं।
गणेशराम भगत ने जिले के दुलदुला के धूरिअम्बा गाँव का उल्लेख करते हुए कहा है कि यहां के महिपाल सिंह के घर के सामने ढाई सौ से ज्यादा लकड़ी के नग खेत में पड़े हुए हैं और जंगल का मुआयना करने पर पेड़ों से ज्यादा ठूंठ दिखाई दे रहे हैं। पूर्व मंत्री का कहना है कि जंगल आदिवासियों के जीवन का आधार है और इन्हीं जंगलों को नष्ट किया जा रहा है। यह आदिवासियों के साथ अत्याचार है और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों में काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर जंगल माफियाओं, दलालों और बिचौलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती है, तो वे धरना आंदोलन करेंगे। गणेशराम भगत ने भी घोषणा की है कि वे ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठेंगे और जुलूस निकालेंगे।
गणेशराम भगत, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व आजाक मंत्री हैं, के इस ऐलान से जिले की राजनीति में उबाल आने की पूरी संभावना है। उनके आरोप और आंदोलन की घोषणा से प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ सकता है।


Author: Deepak Mittal










