भवन निर्माण की अनुमति के लिए रिश्वत लेते आरआइ रंगे हाथों गिरफ्तार

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:

गौरेला में एक भवन निर्माण की अनुमति के लिए सहायक आरआइ ने आठ हजार रुपये की मांग की थी। नगर पंचायत के अधिकारियों के इस रवैये से तंग आकर अधिवक्ता ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एसीबी ने आरआइ को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

रिश्वत मांगने का मामला

बेलगहना के निवासी अधिवक्ता रविशंकर गुप्ता की गौरेला के समता नगर में एक आवासीय जमीन है। वे इस पर मकान बनवाना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने नगर पंचायत में भवन निर्माण की अनुमति के लिए आवेदन किया। अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने नगर पंचायत गौरेला में पदस्थ सहायक राजस्व निरीक्षक अरविंद गुप्ता से संपर्क किया, जिन्होंने भवन निर्माण की अनुमति के बदले आठ हजार रुपये की मांग की।

शिकायत और एसीबी की कार्रवाई

अधिवक्ता रविशंकर गुप्ता ने नगर पंचायत अधिकारियों के इस रवैये से परेशान होकर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने शिकायत की जांच की और उसे सही पाया। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता को रुपये देकर आरआइ के पास भेजा। आरआइ ने अधिवक्ता को बिलासपुर के व्यापार विहार में बुलाया।

जैसे ही अधिवक्ता ने आरआइ को रुपये दिए, पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरआइ के कब्जे से आठ हजार रुपये बरामद किए गए और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरआइ के खिलाफ सात पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

निष्कर्ष

यह घटना सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने की कुप्रथा पर एक और प्रकाश डालती है। एसीबी की त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ता रविशंकर गुप्ता की हिम्मत और सही समय पर की गई शिकायत ने इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं और उचित कार्रवाई की मांग करें।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment