बैलाडीला के अतिसंवेदनशील क्षेत्र हिरोली का मालांगिर जलप्रपात बना सैलानियों के लिए फनसिटी 

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बैलाडीला के अतिसंवेदनशील क्षेत्र हिरोली का मालांगिर जलप्रपात बना सैलानियों के लिए फनसिटी 

 

राजेंद्र सक्सेना,, नवभारत टाइम्स 24 x7in ब्यूरो प्रमुख बैलाडीला, दंतेवाड़ा 

 

( छत्तीसगढ़ ओडिशा ,आंध्रा ,तेलंगाना से भी पहुंच रहे सैलानी पिकनिक मनाने )

किरंदुल – — दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के सुदूर अंचल बैलाडीला की लोह अयस्क की खदानों से भरी हुई पहाड़ियों के नीचे स्थित मालांगिर जलप्रपात वैसे तो बारह महीने सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता हैं 
 परंतु खास तौर पर गर्मियों के दिनों में इस जलप्रपात का लुत्फ उठाते पिकनिक मनाने छत्तीसगढ़ राज्य के साथ साथ ओडिशा एवं तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश के सैलानियों की भी रोजाना काफी भीड़ देखी जा सकती है । बैलाडीला से निजी कंपनी आर्सेलर मित्तल के प्लांट से आदिवासी ग्रामीण क्षेत्र गुमियापाल ,हिरोली होते हुए करीबन 14 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए मालांगिर जलप्रपात पहुंचा जाता हैं ।विदित है कि हिरोली ग्राम पंचायत में स्थित मालांगिर जलप्रपात के लिए बैलाडीला से मालांगिर जलप्रपात तक जाने वाला मार्ग अतिसंवेदनशील क्षेत्र में माना जाता है ।
पर्यटन विभाग की अनदेखी – अगर पर्यटन विभाग मालांगिर जलप्रपात को पर्यटनस्थल घोषित करे तो दीगर राज्यों से आने वाले सैलानियों को सुविधा तो मिलेगी ही साथ ही पर्यटन विभाग की आय में भी इजाफा होगा ।

प्रीति श्रीवास्तव — 
रायपुर से आई प्रीति श्रीवास्तव ने कहा कि बैलाडीला का मालंगिर जलप्रपात प्रकृति की सुंदरता का अनमोल खजाना हैं ।हम लोग बड़े शहरों में काफी खर्च कर फन सिटी एवं वाटर पार्क घूमने जाते हैं जो कि आर्टिफिशियल है ।नसीब वाले है बैलाडीला वासी जिनको प्रकृति ने इतना खूबसूरत तोहफ़ा मालांगिर जलप्रपात के रूप में दिया है ।

खुशी राज —
रायपुर से आई खुशी ने कहा कि मालांगिर जलप्रपात जैसे अनमोल तोहफे को संयोजने की बेहद जरूरत है ।पर्यटन विभाग अगर ध्यान दे तो इस जलप्रपात को देश के मानचित्र में स्थान दिलाया जा सकता हैं ,,0000

राजेंद्र सक्सेना,, नवभारत टाइम्स 24 x7in ब्यूरो प्रमुख बैलाडीला, दंतेवाड़ा 
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Author: Deepak Mittal

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