अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करने से विशेष फल मिलता है. इस बार अक्षय तृतीया पर शुभ योग भी बन रहे हैं. इस दिन सोना चांदी सहित अन्य चीजों की खरीदारी करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. इस वर्ष शुक्रवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पड़ रही है. इसलिए 10 मई को ही अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा.
ऐसे में महामाया मंदिर के पुजारी पंडित मनोज शुक्ला ने बताया, “अक्षय तृतीया नाम से ही स्पष्ट है कि तृतीया तिथि को किया जाने वाला कोई भी कार्य जो अक्षय रहता है, जिसका कभी क्षय नहीं होता. इसलिए इस तिथि को अक्षय तृतीया के नाम से जानते हैं. “इस दिन किया गया कोई भी शुभ या अशुभ कार्य, पुण्यप्रद या पापप्रद कार्य,जाने-अनजाने कोई भी कार्य हो, वह हमेशा के लिए स्थिर हो जाता है.
इसलिए ऐसी कोशिश करनी चाहिए कि आज के दिन जाने-अनजाने कोई भी ऐसा पाप कर्म न हो. आज के दिन श्रद्धा भक्ति का कार्य हो, जो हमारे सत्कर्म से जुड़ी हो.








Author: Deepak Mittal










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