करुणा सागर सरायपाली।
अंचल में खरीफ फसल धान अब अंतिम अवस्था में पहुंच चुकी है, लेकिन ठीक इसी समय पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है। लगभग पखवाड़े भर से अधिक समय से बारिश नहीं होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
खेतों में लगी धान की फसल पानी के अभाव में सूखने लगी है। खेतों में दरारें पड़ गई हैं और धान के पौधे पीले पड़कर मुरझाने लगे हैं।
किसान अपनी फसल बचाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। कई किसान नदी-नालों और कुओं से पंप के जरिए खेतों में पानी पहुंचाने में जुटे हैं, लेकिन सभी के पास सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
Author: Deepak Mittal









