शादी के 17 साल बाद घर में गूंजी थी किलकारी, हरणी झील हादसे में बुझ गए दोनों चिराग

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हरनी झील हादसे में कम से कम 12 बच्‍चों की मौत के बाद वडोदरा में मातम पसरा है. सभी बच्चे न्‍यू सनराइज स्कूल में पढ़ते थे और गुरुवार को पिकनिक मनाने आए थे. जिन घरों के चिराग बुझे, उनमें एक घर उनका भी है जिन्हें शादी के 17 साल बाद संतान सुख प्राप्त हुआ था. अजवा रोड पर रहने वाले इस परिवार के दोनों बच्चे हादसे में मारे गए. भाई कक्षा 2 में पढ़ता था और बहन कक्षा 3 में. परिवार के एक रिश्तेदार ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि झील से निकाले जाने के बाद दोनों बच्चों को एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया था, मगर उन्‍हें बचाया नहीं जा सका. उन्होंने बताया, ‘दोनों अपने पैरेंट्स की शादी के 17 साल बाद पैदा हुए थे… पति-पत्नी ने सालों तक तमाम धर्मस्थलों पर माथा टेका तब जाकर उन्हें दो बच्चे हुए थे.’

 

रिश्तेदारों के मुताबिक, हादसे के समय बच्‍चों के पिता यूनाइटेड किंगडम में थे. वे वडोदरा के लिए निकल चुके हैं. पानीगेट मस्जिद के मुफ्ती इमरान ने बताया कि परिवार ने SSG अस्पताल की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं. यहीं पर बच्चों का पोस्टमार्टम हुआ. पिता के लौटने के बाद दोनों बच्चों के शवों को दफनाया जाएगा.

 

न्‍यू सनराइज स्कूल को नेविल वाडिया चलाते हैं. वडोदरा में उनकी पहचान एक क्रिकेट प्रेमी की है. शतक लगाने वाले सबसे बुजुर्ग क्रिकेटर के रूप में वाडिया का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है. वह बात अलग है कि उन्‍होंने कभी प्रोफेशनली क्रिकेट नहीं खेला. स्कूल की वेबसाइट पर वाडिया और अन्य ट्रस्‍टीज की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ तस्‍वीरें हैं. पीएम जून 2022 में जब वडोदरा आए थे, तब इनसे मिले थे. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ भी ट्रस्टीज की तस्वीरें वेबसाइट पर हैं.

 

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Author: Deepak Mittal

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