लाइन लगने का झंझट दूर, क्यूआर कोड से अब हो जाएगा मरीजों का ओपीडी पंजीयन
नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
सिम्स अस्पताल की सेवाओं में तेजी से सुधार आ रहा है। तीन माह के भीतर सिम्स में काफी काम हुए हैं। अंदर बाहर सभी तरफ बदलाव महसूस किया जा रहा है। न्यूरोलाजी ओपीडी सेवाएं और यूरोलाजी ओपीडी सेवाएं प्रति सप्ताह दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को शुरू हो गई हैं।
अस्पताल की साफ-सफाई और सुंदरीकरण पर भी खास ध्यान दिया गया है। डीएमएफ मद से बुनियादी जरूरतें तत्काल स्वीकृति देकर पूरी की जा रही हैं। इन्ही सुविधाओं में एक अब मरीज को ओपीडी पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़े होने की बाध्यता खत्म हो गई है, वे अब क्यूआर कोड स्केन कर ओपीडी का पंजीयन कर सकेंगे। इसी तरह कोनी में बन रहे सिम्स सुपर स्पेसलिटी हास्पिटल तेज गति से आकार ले रहा है। संभवत: आने वाले महिनों में इसका संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। इसी वजह से अब क्षेत्रवासियों को बड़ी चिकित्सकीय राहत मिल रही है।
कोनी में तेजी से आकार ले रहा मल्टी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल
कोनी में सिम्स का मल्टी सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल तेजी से आकार ले रहा है। पीएमएसएसवाई योजना के अंतर्गत भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा 200 करोड़ रुपए की यह महत्त्वाकांक्षी परियोजना है। अस्पताल में इसी वर्ष अपनी सेवाएं शुरू करने की योजना है। अस्पताल का सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य पूरा होने वाला है।
105 विभिन्न उपकरण की आपूर्ति के लिए हाइट्स के द्वारा 56 उपकरण प्राप्त हो चुके हैं जिनमें से 23 की स्थापना भी हो गई है और बचे हुए को स्थापित किया जा रहा है। सेवाएं शुरू करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती शुरू हो चुकी है।
अस्पताल में कार्डियोलाजी, कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी, न्यूरोलाजी, न्यूरोसर्जरी, नेप्रोलाजी और यूरोलाजी
Author: Deepak Mittal











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