नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
बिलासपुर के अक्षत दुबे ने इंडियन नेवी में सार्जेंट सब लेफ्टिनेंट का पद ग्रहण कर अपने शहर का नाम रोशन किया है। सीएमडी पीजी कॉलेज में कॉमर्स के प्राध्यापक डॉ. आदित्य के पुत्र अक्षत ने बचपन से ही मिलिट्री लाइफ जीने का सपना देखा था और अपने इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। शनिवार को उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने इंडियन नेवी में महत्वपूर्ण पद ग्रहण किया।
अक्षत दुबे बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। उन्होंने स्केटिंग, एनसीसी, ड्राइंग पेंटिंग, गायन, बांसुरी वादन और बैडमिंटन में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने शहर का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही, उन्होंने एएफएमसी मेडिकल कॉलेज में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
अपनी एमबीबीएस पढ़ाई के दौरान अक्षत ने अनेक शवों के फेफड़े का परीक्षण कर अपने शोध कार्य को पूर्ण किया, जिससे यह पता चल सके कि किसी बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति के फेफड़ों पर क्या प्रभाव होता है। उनका यह शोध इंटरनेशनल जर्नल ऑफ प्लास्टिनेशन में प्रकाशित हुआ और विशेष सराहना प्राप्त की। अक्षत के पिता डॉ. आदित्य दुबे और माता अनामिका दुबे उनके इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
युवाओं को संदेश, घर से करें तैयारी
अक्षत दुबे ने युवाओं को संदेश दिया कि बिना किसी कोचिंग के भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के पैसे का सही उपयोग करना चाहिए और केवल बड़े शहरों में जाकर ही प्रतियोगी परीक्षा पास करने की धारणा को छोड़ देना चाहिए। उन्होंने नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट (नीट) में 625 अंक प्राप्त कर प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज, पुणे में दाखिला लिया, जो कि उनकी सफलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
भारत मां की सेवा करना ही लक्ष्य
अक्षत ने बताया कि इंडियन नेवी में जाने का उनका एकमात्र सपना भारत मां की सेवा करना है। वह बैडमिंटन में अंडर-15 और अंडर-18 स्टेट चैंपियन भी रह चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने खैरागढ़ संगीत महाविद्यालय से चित्रकला का कोर्स भी किया है। नीट की तैयारी के दौरान जब भी उन्हें तनाव होता, तो वह हनुमानजी की तस्वीर बनाने लगते थे। बचपन से ही सेना में शामिल होने की ललक उनके मन में थी।


Author: Deepak Mittal










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