योगेश राजपूत
परसदाकला में पहली बार आयोजित शिव महापुराण कथा का आयोजन सुनने भक्तों की काफी भीड़
फिंगेश्वर – तहसील मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत परसदाकला में समस्त ग्रामवासियों की सहयोग से शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसे सुनने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन कथा पंडाल में पहुंच कर कथा सुन रहे हैं व्यासपीठ से बोलते हुए पंडित अमन शर्मा पंचकोशी धाम फिंगेश्वर वाले ने कहा संत के जीवन में कई प्रकार के कष्ट आने पर भी अपना संत धर्म नही छोड़ते अर्थात दुसरो का परोपकार करना इसलिए मनुष्य को सदैव अपने मनुष्यता धर्म का पालन करना चाहिए।मनुष्य के अच्छे कर्म ही उसे महान बनाता है इसलिए मनुष्य को सदैव अच्चे कर्म पर ध्यान देना चाहिए अपने अंदर के अहंकार को त्याग कर परोपकार के कार्य को पहिली प्राथमिकता देना चाहिए जहां तक हो सके अपने से कमजोर जरूरत मंद व्यक्ति की मदद करनी चाहिए।जीवन में माता पिता, गुरू एवं अपने से बड़ों के प्रति मन में सदैव सम्मान के भाव रखें भक्ति और सेवा के पथ पर
कभी भी दिखावा न करें जीवन में हमेशा निर्मल प्रेम को लेकर ईश्वर की भक्ति करें जैसे भक्त ध्रुव, प्रहलाद, मीरा, शबरी, रैदास,केंवट जटायु, हनुमान ने किया जो कभी भी अपने भक्ति के बीच स्वार्थ को कभी भी आने नही दिया जो अपने भक्ति में प्रेम का दर्शन था प्रदर्शन नही इसी कारण भगवान ने इन सभी के ऊपर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखा। भगवान शिव जी को जगत का सबसे बड़ा कल्याण कारी देव बताया गया है आप भोलेनाथ को जिस रूप से पूजन करोगे भगवान उसी रूप में कृपा करेंगे माता पार्वती शिवजी की विवाह झांकी जीवंत प्रस्तुति से भक्तों में काफी उत्साह एवं समर्पण देखने को मिला इस पूरे आयोजन को लेकर इस समय पूरा का पूरा गांव शिवमय हो गया है मुख्य जजमान कोमल ललिता निषाद,चम्मन द्रोपती निषाद, रोशन पूजा देवांगन टानेश्वर भूमिका निषाद,छबीराम पदमा साहू विशेष सहयोग देवांगन डीजे एवं टेन्ट हाऊस एवं समस्त ग्रामवासी परसदाकला।
Author: Deepak Mittal










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