सुकमा: हाल में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में डीआरजी के 8 जवान शहीद हो गए थे. मंगलवार को इन जवानों का अंतिम संस्कार किया गया. जवानों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. सलामी के साथ उनकी शहादत को नमन किया गया और यह सुनिश्चित करने की प्रतिज्ञा ली गई कि उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी.
इस दौरान दंतेवाड़ा के गीदम थाना क्षेत्र के रहने वाले जवान सुदर्शन वेट्टी के 2 महीने के बेटे ने जब अपने पिता को अंतिम विदाई दी तो नजारा दिल को झकझोर देने वाला था. परंपरा का निर्वहन करने के लिए बच्चे को गोद में लेकर पिता को अंतिम विदाई दी गई. इस हृदयविदारक क्षण में हजारों लोग मौजूद थे. हर किसी की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन था. लोगों ने शहीद जवान सुदर्शन की वीरता को याद किया और उनके बलिदान को सलाम किया. यह दृश्य न केवल उनके परिवार बल्कि वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए बेहद भावुक करने वाला था.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवानों के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. विष्णुदेव साय ने एक्स मीडिया पोस्ट कर कहा कि शहीद जवान सुदर्शन का बलिदान हम कभी नही भूलेंगे. जवान का बलिदान जाय नहीं जायेगा .दो महीने के उनके बच्चे के द्वारा अंतिम विदाई देने की तस्वीर दिल को झझकोर देने वाली है. इस मार्मिक दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया.
बताया जा रहा है कि विस्फोटक लदे वाहन को सुरक्षाबलों के काफिले के पास ब्लास्ट किया गया था, जिससे वाहन के परखच्चे उड़ गए. हमला इतना खौफनाक था कि विस्फोट वाली जगह एक बड़ा गड्ढा हो गया है. सुरक्षाबलों पर नक्सलियों का हमला ऐसे समय में हुआ है जब उनका एक एंटी-नक्सली ऑपरेशन चल रहा था. मसलन, बीजापुर में सुरक्षाबलों की टीम अपना ऑपरेशन पूरा करके वापस लौट रही थी, जब नक्सलियों ने उन्हें निशाना बनाया. जवानों की टीम कुटरू थाना के गांव अंबेली के पास पहुंची थी, वे कुटरू-बेद्रे रोड पर थे जब उनपर हमला किया गया. हमले में शहीद होने वालों में डीआरजी के 8 जवान, और एक नागरिक ड्राइवर शामिल थे.
Author: Deepak Mittal










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