राजेंद्र सक्सेना नवभारत टाइम्स 24X7.in ब्यूरो प्रमुख बैलाडीला, दंतेवाड़ा
बिटीओ का अस्तित्व बचाने का समय – चुनाव का नहीं — राकेश सिंह गौतम
( एनएमडीसी के साथ साथ जिंदल से भी 30 -40 गाड़ी माल प्रतिदिन दिलाने की रखी हैं मांग )
दंतेवाड़ा – ट्रक मालिकों की संस्था बैलाडीला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के सुपर कमेटी के अध्यक्ष राकेश सिंह गौतम ने कहा की वर्तमान समय एवं आने वाले समय मे ट्रक मालिकों को माल की आपूर्ति करवाना चुनौती भरा कार्य है । उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मे हमारी संस्था में 1341 ट्रके तथा करीबन 1000 सदस्य है ।जिनकी वितीय परेशानियों को दूर करना भी सुपर कमेटी का नैतिक दायित्व बनता हैं । भविष्य में ट्रकों को माल दिलवा कर उनके फेरों में बढ़ोतरी करना मुख्य उद्देश्य है । जिसके लिये सुपर कमेटी लगातार प्रयासरत हैं ।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय बिटीओ का अस्तित्व बचाने का समय है ना कि चुनाव करवाने का । उन्होंने कहा कि सुपर कमेटी तथा एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के उच्च अधिकारियों के मध्य विगत 17 मई को एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के सभागार में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी जिसमे हमने एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के अधिकारियों को बताया था कि हमारी संस्था में 1341 ट्रके संचालित है एवं किरंदुल परियोजना से हमें प्रतिदिन 1500 टन लोह अयस्क की सड़क मार्ग से ढुलाई का कार्य ही मिल पाता है जिसमे करीबन 60 से 70 ट्रकों को ही काम मिल पाता है एवं एनएमडीसी की बचेली परियोजना से प्रतिदिन 4000 टन ही लोह अयस्क की ढुलाई सड़क मार्ग से की जाती हैं जिसमे करीबन 200 ट्रकों को ही काम मिल पाता हैं । इस प्रकार रोजाना सिर्फ करीबन 270 ट्रकों को ही काम मिल पाता हैं जिस कारण बाकी ट्रकों के मालिकों के सामने आर्थिक एवं वित्तीय समस्या गंभीर रूप ले रहीं है। हमने एनएमडीसी प्रबंधन से मांग की की एनएमडीसी के लोह अयस्क की सड़क मार्ग से परिवहन की आपूर्ति को बढ़ाया जावे ताकि ट्रक मालिकों के समक्ष उत्पन्न हो रहे संकट से निजात मिल पाए । साथ ही प्रबंधन से कहा कि जिंदल स्टील कंपनी को रेलवे मार्ग से निर्यात किये जा लोह अयस्क में से 30 से 40 ट्रके रोजाना सड़क मार्ग से परिवहन करने के लिए जिंदल कंपनी से उच्च अधिकारियों को आदेशित करें ।विदित हो कि दक्षिण बस्तर की एकमात्र ट्रक मालिकों की पंजीकृत संस्था बैलाडीला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन है जिसके द्वारा ट्रको के माध्यम से लोह अयस्क परिवहन छत्तीसगढ़ , आंध्रा ,तेलंगाना व अन्य राज्यों में किया जाता है एवं इस संस्था में करीबन 1000 से अधिक सदस्य है तथा करीबन 1341ट्रके है | बी टी ओ के माध्यम से लगभग 2000 से अधिक परिवारों को रोजगार मिलता है जिसमें ड्राइवर,खलासी,मेकेनिक एवं होटल व्यवसाइयों के भी रोजगार निर्भर है |
Author: Deepak Mittal










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