शोएब अख्तर नवभारत टाइम्स 24 x7in ब्यूरो प्रमुख महेन्द्रगढ़ चिरमिरी
वाणी नामक विभाग का एक कर्मचारी जो पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में जमा है,, दर्जनों अवैध कनेक्शन की करता है खुद वसूली,,उपभोक्ताओं से करता है दुर्व्यवहार, ब्रेकडाउन की स्थिति में पैसा का सौदा करने के बाद ही ठेका कर्मियों को विद्युत सुधार करने भेजता है उनके घर.!!!
चिरमिरी क्षेत्र में लोग बिजली के आंख मिचोली से बेहद परेशान हो चुके हैं, गर्मी अपने चरम पर है और ऊपर से बिजली गोल लोगों का जीवन काटना दुभर हो गया है, चिरमिरी क्षेत्र में विद्युत विभाग के कर्मचारियों का आतंक भी किसी से काम नहीं है यदि कहीं पर बिजली गोल होने की खबर इनको दी जाती है तो यह पहले सौदेबाजी करते हैं और बिना पैसे लिए यह उपभोक्ता को सेवा देने में आनाकानी करते हैं और नए नए किस्म के बहाने बताकर लोगों को पहले बिजली आज नहीं बन पाएगी कहकर डलवाते हैं उसके बाद उनसे पैसे की नाजायज उगाही करते हैं इस गर्मी में जहां आम नागरिक परेशान है वह कुछ पैसे देकर किसी तरह बिजली के और उसके परिवार को मिल जाए पैसे देने में नहीं कतराता, विभाग में वाणी नामक एक कर्मचारी कई अवैध कनेक्शन बनता है और उनकी वसूली वह खुद करता है कई बड़े कनेक्शन है जिसमें हैवी वर्क चल रहे हैं ऐसे कई दर्जन कनेक्शन क्षेत्र में चल रहे हैं यदि बारीकी से जांच हो तो बड़ी चोरी उजागर हो सकती है, यह भ्रष्टाचारी कर्मचारियों के चर्चे क्षेत्र में जोरों पर है, लाखों रुपए यह महीने वसूली करता है
उल्लेखनीय रहे कि पिछले चार-पांच माह से आखिर क्या वजह हो गई की बिजली पूरे क्षेत्र में हर दो-तीन घंटे में कट जा रही है गर्मी भी अपने शबाब पर है लोगों का जीवन काटना मुश्किल हो गया है विभाग में कार्य कर रहे श्रमिकों से मिल रही जानकारी के अनुसार मेंटेनेंस का बड़ा अभाव है विद्युत सप्लाई में बहु उपयोगी सामग्रियों की बड़ी कमी है क्षेत्रीय स्टोर विश्रामपुर में यदि कोई सामग्री १० मांगी जाती है तो सिर्फ दो दी जाती है या एक देकर के टरका दिया जाता है उपयोगी सामग्री सरलता से नहीं मिलने के कारण विद्युत वायर पल ट्रांसफार्मर इंसुलेटर सहित अन्य मेंटनेश के ठोस कार्य नहीं होने से बार-बार ब्रेकडाउन की स्थिति निर्मित हो रही है ठेका श्रमिकों के भरोसे पूरा कार्य किया जा रहा है विभागीय कर्मचारी अब डायरेक्टर और इंजीनियर बन बैठे हैं सिर्फ आदेश करते हैं और ठेका श्रमिकों को इधर-उधर घूमते देखे जा सकते हैं विद्युत विभाग के कर्मचारी जो अब अपनी मर्जी के मालिक बन बैठे हैं अब वह मनमानी और उगाही पर उतारू हो गए हैं विद्युत मेंटेनेंस या अन्य किसी भी कार्य के लिए उपभोक्ताओं से सीधे सौदेबाजी करते हैं और पैसे मांगते हैं
मेंटेनेंस के एवज में विद्युत उपभोक्ताओं से उगाही करते हैं, पोंडी हल्दीबाड़ी क्षेत्र के एक उपभोक्ता के मुताबिक यदि वाणी नाम के भ्रष्टाचारी विद्युत कर्मचारी से बिजली मेंटेनेंस के लिए उससे बात किया जाए तो सबसे पहले वह तो ढेर सारा काम आज नहीं कर सकते उसका बहाना बताता है और फिर कहता है कि हल्दीबाड़ी स्थित कार्यालय में आप अपना कंप्लेंन दर्ज करवा दो जब कभी आपका नंबर आएगा हम विद्युत मेंटेनेंस कर देंगे आपसे पहले भी कई कंप्लेंट दर्ज हैं क्रमशः काम किया जाएगा जैसे ही उपभोक्ता कई दिन का नाम सुनता है वह इस गर्मी में डर सा जाता है उपभोक्ता उसे विनती करने लगता है की बिजली आपूर्ति प्रारंभ करवा दो तो थोड़ी देर बाद वह फोन करके बोलता है कि मैं बिजली वाले जो ठेका कर्मचारी हैं उनसे से बात किया हूं उनको लिए कुछ खर्चा करना पड़ेगा इस तरह से वह हर एक मेंटेनेंस में 500 से ₹1000 वसूली कर रहा है, स्थानीय नागरिकों ने जब इस वसूलीबाज लाइनमैन का विरोध किया तो इसके स्थान पर एक बेहद शराबी किस्म के व्यक्ति की ड्यूटी लगा दी गई वह तो फोन ही रिसीव नहीं करता था अंत में यह जुगाड़ लगाकर फिर से इसी क्षेत्र में अपनी ड्यूटी लगवा ली है और लोगों के मजबूरी का फायदा जमकर उठा रहा है उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत j e से भी की है लेकिन के उसे पर कार्यवाही करने के बजाय शिकायतकर्ता का नंबर ही दे दिए, अब शिकायतकर्ता का जब भी बिजली या अन्य मेंटेनेंस कार्य आता है तो वह कई कई दिन तक उसे घूमा ते रहता है और कहता है की कंप्लेंट कर दो मेरा ऊपर और मेरा ट्रांसफर करवा दो, मैं वैसे भी आप लोग से ऊब चुका हूं. मैं जांजगीर चंपा जाना चाहता हूं और आप लोग यदि हो सकता है तो मेरा ट्रांसफर कर दो ऐसा उल्टा ही धमकता है और मनमानी कर लोगों को परेशान कर रहा है और जमकर के उगाही कर रहा है इसकी शिकायत पूर्व विधायक से भी की गई थी लेकिन वहां भी सेटिंग बनाकर अपनी जगह में या लगातार जमा हुआ है.


Author: Deepak Mittal










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