प्रदूषण जांच या अवैध वसूली का जरिया?

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नवभारत टाइम्स 24X7.in के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट

प्रदूषण जांच या अवैध वसूली का जरिया?

सरसीवां। जिला क्षेत्र थाना सरसीवां में पिछले दो वर्षों से वायु प्रदूषण जांच के नाम पर दो पहिया वाहन चालकों से अवैध वसूली की घटनाएं हो रही हैं। सरसीवां थाना क्षेत्र में सारंगढ़, भटगांव, सरायपाली रोड के पास एक इको गाड़ी सड़कों के किनारे खड़ी रहती है, जो वायु प्रदूषण जांच के नाम पर मोटरसाइकिल चालकों से जबरन 50 रुपये वसूलती है। शनिवार को नारबंद के पास इस गाड़ी ने एक पति-पत्नी को रोका और जबरन उनके मोटरसाइकिल पर वायु प्रदूषण का स्टीकर लगाकर 50 रुपये वसूल किए।

कई बार ऐसा भी होता है कि अगर मोटरसाइकिल चालकों के पास पैसे नहीं होते हैं, तो उन्हें घर से पैसे मंगाने या फोन पे से भुगतान करने को कहा जाता है। इस इको गाड़ी पर ‘वायु प्रदूषण जांच परिवहन’ लिखा है, लेकिन इनके पास छत्तीसगढ़ राज्य परिवहन विभाग से कोई भी शासकीय आदेश नहीं है। जब उनसे शासकीय कागजात दिखाने को कहा जाता है, तो वे कोई प्रमाण नहीं दिखा पाते।

सारंगढ़ बिलाईगढ जिले में पिछले दो वर्षों से यह काला खेल चल रहा है, और यह खेल सरसीवां थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में वायु प्रदूषण जांच के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन गाड़ी मालिकों ने जिले के सभी थानों से संपर्क बना रखा है, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

इस इको गाड़ी (सीजी-11 एब्ल्यू 3400) में वायु प्रदूषण जांच की मशीन, लैपटॉप, और प्रिंटआउट मशीन लगी होती है, जिससे दो पहिया और चार पहिया वाहनों का प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र दिया जाता है। ऐसा लगता है जैसे राज्य परिवहन विभाग ने इन्हें वायु प्रदूषण जांच करने का लाइसेंस दे रखा हो।

सारंगढ़ बिलाईगढ जिले के सभी थानों के

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Author: Deepak Mittal

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