नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
छत्तीसगढ़ के कोल घोटाला मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया को ईओडब्ल्यू (EOW) ने रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने सोमवार, 27 मई को दोनों आरोपियों की रिमांड 3 जून तक बढ़ा दी है। पहले से ही चार दिन की रिमांड पर थीं ये दोनों अधिकारी।
हाईकोर्ट में सुनवाई 10 जून के बाद
वहीं, चर्चित कोल घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून के बाद होगी।
सौम्या ने बच्चों की परवरिश के लिए जमानत मांगी थी
सौम्या चौरसिया के वकील हर्षवर्धन परघनिया और दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ने उनकी तरफ से पैरवी की। सौम्या ने बच्चों की परवरिश के आधार पर जमानत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
कोल घोटाले की राशि से कई जगह जमीन खरीदी
कोल घोटाला केस में EOW ने रानू साहू के भाई पीयूष साहू और सौम्या चौरसिया के भाई अनुराग चौरसिया से भी पूछताछ की है। जानकारी के मुताबिक, EOW ने पीयूष से जमीन संबंधित दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की है। EOW को सूचना मिली थी कि कोल घोटाले के पैसों से पीयूष साहू ने कई जगह जमीन और संपत्ति खरीदी है।
सौम्या चौरसिया 2 दिसंबर 2022 से जेल में
पिछली कांग्रेस सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रही सौम्या चौरसिया को 2 दिसंबर 2022 से जेल में हैं। उन्हें कोयला घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने गिरफ्तार किया था। तब से वे सेंट्रल जेल रायपुर में बंद हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी सौम्या की जमानत याचिका खारिज कर दी थी और गलत तथ्य पेश करने पर उन पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। पिछले महीने, 16 अप्रैल को भी रायपुर के विशेष अदालत से सौम्या की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।

Author: Deepak Mittal










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