जीर्णोधार के बाद स्कूल को मिला लाईब्रेरी-इंडोर गेम के लिए हॉल

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

अखिलेश खटोड़ नवभारत टाइम्स 24 x7in ब्यूरो प्रमुख रायपुर 

 

जीर्णोधार के बाद स्कूल को मिला लाईब्रेरी-इंडोर गेम के लिए हॉल

*पहले थे सिर्फ तीन कक्ष अब हो गए दस, अलग-अलग सेक्शनों में बैठकर हो रही पढ़ाई*

 

*जिले में 298 स्कूलों का हुआ निर्माणकार्य पूर्ण

रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले मंे शाला भवनों का जीर्णोंधार का कार्य तेजी से हुआ है। जो शाला भवन जर्जर थे। उनमें सुधार कार्य किया गया है। साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्ष भी बनाए गए है। इन कक्षों में बच्चों की कक्षाए लग रही है और उन्हें पहले से अधिक सुविधाजनक है। कहीं पर लाईब्रेरी बनाए गए तो कहीं पर लैब तो कहीं पर शिक्षकों के बैठने के लिए कमरे।

 

 जिले में स्कूल के 298 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और 76 कार्य प्रगति पर हैं। धरसींवा विकासखण्ड के संजय नगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में 25 कमरे हैं जिनमें सुबह प्राइमरी से मिडिल की कक्षाएं लगती है। पहले यह कक्षाएं जर्जर थी तो साथ ही कक्षाओं के आकार छोटे थे और कक्षाओं की संख्या भी कम थी। स्कूल प्रबंधन द्वारा आवश्यकता बताए जाने पर कक्षों का निर्माण किया गया। अब यहां 10 नए कक्ष निर्माण किए गए इनमें दो बडे हॉल शामिल है जिसमें एक हॉल में लाईब्रेरी बनाया गया है, जहां बच्चे अपने निर्धारित कालखंड में पुस्तक प्राप्त कर अध्ययन करेंगे, वहीं दूसरा हॉल सुंदर और सुसज्जित है, यह पूर्ण हो चुका है और इसका उपयोग इंडोर गेम जैसे कैरम, टेबल टेनिस इत्यादि के लिए किया जाएगा। इससे स्कूली बच्चों की प्रतिभा सामने आएगी और विभिन्न खेल प्रतिक्रियाओं में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। 

 

परिसर के दुसरे स्तर में भूतल में तीन छोटे कमरे और एक जर्जर कक्ष था, कमरे छोटे होने से जीर्णोंधार होने से पांच नए-नए कक्ष बनाए गए और उनके उपर प्रथम तल पर पांच बडे कक्ष निर्मित किए है। इनमें कुछ कक्षाओं में स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी गई है। प्राचार्य श्रीमती सुधा तिवारी बताती है कि पहले कक्ष सीमित होने से हम सभी बच्चों को एक साथ बैठाना पड़ता था जिसमें असुविधा होती थी। जीर्णोधार के बाद दस नए कक्ष मिल गए जिसमें प्राइमरी से मिडिल कक्षाओं को सेक्शनों में विभाजित कर दिया गया है। बच्चे अलग-अलग क्लासरूम में बैठ कर अध्ययन कर रहे हैं। वहीं पुरानी कक्षाओं को स्टॉफ रूम के रूप में उपयोग किया जा रहा है जो महिला और पुरूष को अलग-अलग व्यवस्था कर दी गई है जहां पर शिक्षकों की बैठने की उत्तम व्यवस्था हो गई है। जल्द ही नए कक्ष में लाईब्रेरी भी प्रारंभ हो जाएगी।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment