जिंदल पावर: ज़मीन देने का विरोध करने वाले किसान को बना दिया गुंडा, जानें पूरा मामला…
नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
बिलासपुर/रायगढ़। जिंदल ग्रुप की कंपनी जिंदल पावर (Jindal Power) के द्वारा ज़मीन अधिग्रहण का विरोध करने पर एक किसान को गुंडा घोषित कर दिया गया। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए याचिकाकर्ता के नाम को गुंडा सूची से हटाने का अंतरिम आदेश जारी किया और राज्य शासन एवं पुलिस को नोटिस भी जारी किया है।
क्या है मामला?
रायगढ़ जिले के तमनार के निवासी आशुतोष बोहिदार की मां के नाम पर ज़मीन और आवास है। जिंदल पावर ने यहां पॉवर प्लांट लगाने के लिए ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसका आशुतोष ने विरोध किया। इसके बाद, पुलिस ने उसके खिलाफ 4-5 अलग-अलग मामले दर्ज किए और जून 2022 में उसका नाम गुंडा सूची में शामिल कर दिया।
कैसे हुआ खुलासा?
चुनाव के दौरान पुलिस ने गुंडा सूची जारी की, तब आशुतोष को इसकी जानकारी हुई। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि उसके खिलाफ शांतिभंग, धमकी और हमले जैसे 5 मामले दर्ज हैं। लेकिन आशुतोष का कहना है कि उसे इन मामलों की कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही कोई नोटिस, समंस या प्रक्रिया का पालन किया गया।
हाई कोर्ट का हस्तक्षेप
आशुतोष ने अपने वकील हरि अग्रवाल के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया गया कि पुलिस ने बिना किसी उचित प्रक्रिया के उसे गुंडा घोषित कर दिया, जबकि न तो वह किसी मामले में थाने गया है, न कभी जेल गया है, और न ही किसी अदालत में पेशी हुई है। याचिका में यह भी कहा गया कि गुंडा सूची में केवल आदतन बदमाश, सजायाफ्ता या आपराधिक प्रवृत्ति के लोग ही शामिल होते हैं। हाई कोर्ट ने याचिका के तर्कों से सहमति जताते हुए आशुतोष का नाम गुंडा सूची से हटाने के निर्देश दिए और इस पर अंतरिम रोक लगा दी।
कोर्ट का निर्देश
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा कि इस प्रकार किसी का भी नाम गुंडा सूची में शामिल नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने राज्य शासन और पुलिस को इस मामले में नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता का नाम सूची से हटाने का आदेश दिया है।
Author: Deepak Mittal












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