छत्तीसगढ़ में कीमती प्रॉपर्टी पर सरकार की नजर: साय सरकार कराएगी GIS मैपिंग, एक करोड़ से अधिक की रजिस्ट्रियों की होगी जांच

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नव भारत टाइम्स 24 x 7 के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:

छत्तीसगढ़ सरकार की विजिलेंस टीम अब बड़ी रजिस्ट्रियों पर कड़ी नजर रखेगी। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रजिस्ट्रियों की जांच की जाएगी।

पुराने मामलों की भी होगी जांच

छत्तीसगढ़ सरकार ने पुराने मामलों की भी जांच कराने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश सरकार हरियाणा की तर्ज पर GIS मैपिंग भी कराएगी। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को बताया कि रजिस्ट्रियों में गड़बड़ी की कुछ शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की रजिस्ट्रियों पर नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर जांच भी की जाएगी।

हरियाणा की तर्ज पर GIS मैपिंग

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि हरियाणा में बहुत पहले से GIS मैपिंग कराई जा रही है। अब छत्तीसगढ़ में भी इसी तर्ज पर GIS मैपिंग कराई जाएगी। इससे जमीनों की सही नाप-तौल सुनिश्चित की जा सकेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सकेगा।

शिकायतें और समाधान

प्रदेश में बड़े पैमाने पर जमीनों की नाप-तौल में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थीं। हालांकि, इनका समाधान विभागीय स्तर पर नहीं हो रहा था, जिसके बाद शिकायतें आला अफसरों और मंत्रियों तक पहुंच गईं। सरकार ने अब इसे गंभीरता से लेते हुए जांच करने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस मामले में पुराने प्रकरणों की भी जांच की जाएगी।

GIS मैपिंग क्या है?

GIS, यानी भौगोलिक सूचना प्रणाली, एक विशेष प्रकार की मैपिंग तकनीक है। यह तकनीक भौगोलिक बिंदुओं से जुड़े डेटा को लेयर करने की अनुमति देती है। स्टेटिक मैप पर केवल कुछ प्रमुख विशेषताओं को देखने के बजाय, GIS मैपिंग गतिशील टूल में डेटा परतों के अनुकूलन योग्य संयोजनों को देखने की अनुमति देती है।

छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि रजिस्ट्रियों में होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

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Author: Deepak Mittal

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