प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा परीक्षाओं के नतीजे घोषित होने के साथ साथ स्कूलों पर सियासत छिड़ गयी है। प्रदेश के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा शिक्षा जगत को बढ़ावा देने के लिए छग में हर जिले और ब्लाक में स्वामी आत्मानन्द स्कुल खोला गया था जो राजनितिक भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। वर्तमान बीजेपी की साय सरकार द्वारा योजना का नाम बदलने की तैयारियां चल रही है। स्वामी आत्मानंद स्कुल को पीएमश्री स्कुल करने की योजना चल रही है।
इस बात का विरोध जताते हुए पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बीजेपी और प्रदेश की साय सरकार जमकर घेरा है। दीपक बैज ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कुल को अब पीएमश्री स्कूल में विलय की तैयारियां चल रही है जिसका कांग्रेस खुलकर विरोध करेगी। बदनीयती का आरोप लगते हुए उन्होंने इस मामले को हर स्टार पर विरोध करने की बात कही।
कांग्रेस जनप्रतिनिधियों से विरोध की अपील :
आगे उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद छत्तीसगढ़ के एक विश्वविख्यात संत और आध्यात्मिक व्यक्तित्व थे इसलिए कांग्रेस सरकार द्वारा योजना का नाम उनके नाम पर रखा था लेकिन बीजेपी ऐसे व्यक्तित्व के नाम को हटाना चाहती है। शासन की ओर से ‘स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना’ का नाम बदलकर ‘पीएमश्री’ करने का आदेश जारी किया गया है, इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों की सहमति लेने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अपील किया है कि सरकार की ओर से इस तरह का कोई प्रस्ताव आता है तो इसका लिखित और मौखिक रूप से पुरजोर विरोध किया जाना है।
75 फीसदी से अधिक बच्चे प्रावीण्य सूची में शामिल :
दीपक बैज ने आगे कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल एक महत्वकांक्षी योजना के तहत शुरू किया गया था। गरीबों के बच्चों को मुफ्त में अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा दी गयी और उसके सार्थक परिणाम भी देखने को मिले हैं। स्कुल में अध्ययनरत बच्चों के नाम 10वीं और 12वीं में 75 फीसदी से अधिक बच्चे प्रावीण्य सूची में आये। ऐसे में वर्तमान सरकार द्वारा स्कूल का नाम दलीय दर्घावना से बदला जाना दुर्भाग्यजनक है।




Author: Deepak Mittal










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