अगर नहीं किया ये काम, तो फेल हो जाएंगे UPI पेमेंट्स..

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

बीते सालों में, UPI इंडिया का सबसे पॉपुलर डिजिटल पेमेंट मेथड बन गया है। दिसंबर 2024 में, ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 16.73 बिलियन तक पहुंच गया था, जो नवंबर के मुकाबले 8% की बढ़ोतरी है।

भारत कैश यूज करने की जगह UPI ट्रांजैक्शन्स की तरफ तेजी से बढ़ रहा है, खासकर ये ट्रेंड टियर-1 शहरों में ज्यादा है। इसके साथ, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि पूरा UPI इकोसिस्टम जितना हो सके उतना सिक्योर हो।

क्योंकि, साइबर अपराधी अक्सर भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए, NPCI ने एक नया सर्कुलर जारी किया है जिसे सभी UPI यूजर्स द्वारा इम्प्लीमेंट किया जाना है।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने घोषणा की है कि 1 फरवरी, 2025 से UPI ID में स्पेशल कैरेक्टर्स की परमिशन नहीं होगी। हममें से ज्यादातर लोगों की आईडी में ये स्पेशल कैरेक्टर्स होते हैं और इसलिए इन्हें तुरंत करेक्ट करने की जरूरत है।

ये सिक्योरिटी को बढ़ाने और बढ़ते UPI इकोसिस्टम में डिजिटल ट्रांजैक्शन्स को स्टैंडर्डाइज करने के लिए अनाउंस किया गया है।

9 जनवरी के सर्कुलर में लिखा है कि सभी UPI ट्रांजैक्शन आईडी स्ट्रिक्टली अल्फान्यूमेरिक होनी चाहिए। इसका मतलब है कि @, !, या # जैसे कैरेक्टर्स का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

स्पेशल कैरेक्टर्स वाली आईडी का इस्तेमाल करने वाले ट्रांजैक्शन्स ऑटोमैटिकली फेल हो जाएंगे। वैसे, ज्यादातर बैंक्स और पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पहले ही इस रिक्वायरमेंट के हिसाब से एडाप्ट हो चुके हैं। लेकिन, NPCI ने कहा कि कुछ एंटिटीज नॉन-कम्प्लायंट फॉर्मेट का इस्तेमाल करना जारी रखे हुए हैं।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *