किस डीएम को लेकर मचा हंगामा?, UPSC में थी 61वीं रैंक…

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यह मामला दिल्ली से सटे यूपी के बिजनेस हब कहे जाने वाले शहर नोएडा का है. सरकारी नाम से कहें तो गौतम बुद्ध नगर जिले का. यहां के सोशल मीडिया हैंडल “एक्स” से कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी गई, और वह भी ऐसा रिप्लाई जिससे विपक्ष के नेता तिलमिला उठे. उन्हें किसी प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी से ऐसी उम्मीद नहीं थी.

लिहाजा, इसका स्क्रीनशॉट हर तरफ वायरल होने लगा और मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया. नोएडा के डीएम ने इस पर सफाई दी कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिया गया था. बाद में जब जांच की गई, तो पुलिस ने इस मामले में एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया जो राज्य सूचना केंद्र में काम करता था और डीएम का सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल करता था.

नोएडा डीएम नोएडा के डीएम मनीष वर्मा 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. दरअसल, कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर पीएम मोदी को लेकर एक वीडियो क्लिप साझा की थी. इस पर गौतम बुद्ध नगर के डीएम के आधिकारिक हैंडल से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक विवादित टिप्पणी की गई. डीएम के हैंडल से लिखा गया.

“अरे तुम अपनी और अपने पप्पू के बारे में सोचो.” इसके बाद राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया. सुप्रिया श्रीनेत ने इसका स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए डीएम की आलोचना की. उनके अलावा अन्य कांग्रेसी नेताओं, जैसे पवन खेड़ा और प्रियंका चतुर्वेदी, ने भी डीएम की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं.

हालांकि हंगामा मचने के बाद डीएम की ओर से इसे किसी शरारती तत्व की करतूत बताया गया और एफआईआर दर्ज कराई गई. इस मामले में पुलिस ने आरोपी सोहन सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया. वह यूपी सूचना केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था और डीएम का सोशल मीडिया अकाउंट हैंडल करता था. निजी मोबाइल से अकाउंट चलाते वक्त उसने गलती से अपने अकाउंट की बजाय डीएम के अकाउंट से रिप्लाई कर दिया था.

मनीष कुमार वर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले हैं. उनका जन्म 24 अगस्त 1984 को हुआ था. मनीष ने प्रारंभिक पढ़ाई के बाद आईआईटी कानपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. उन्होंने जेएनयू से एमए और एमफिल भी किया है. मनीष वर्मा ने जर्मनी के ड्यूश बैंक नामक एक इनवेस्टमेंट बैंकिंग फर्म में भी काम किया. नौकरी के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और वर्ष 2011 में यूपीएससी परीक्षा में 61वीं रैंक के साथ आईएएस बने.


आईएएस बनने के बाद मनीष वर्मा ने पीलीभीत से अपने करियर की शुरुआत की, जहां वह प्रोबेशनरी ऑफिसर के तौर पर तैनात हुए. इसके बाद वह मथुरा और प्रतापगढ़ के मुख्य विकास अधिकारी रहे। इससे पहले भी उनकी तैनाती 15 दिनों के लिए नोएडा में रही थी.

इसके बाद मनीष वर्मा को कौशांबी जिले का डीएम बनाया गया. नोएडा के डीएम बनने से पहले मनीष वर्मा जौनपुर के डीएम के रूप में कार्यरत थे. इसी बीच, नोएडा के डीएम सुहास एलवाई के प्रमोशन और खेल सचिव के पद पर नियुक्ति के बाद मनीष वर्मा का ट्रांसफर नोएडा कर दिया गया.

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Author: Deepak Mittal

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