ग्रामवासियों में आक्रोश, 15 दिन में सुधार नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
रायगढ़ : नवभारत टाइम्स 24×7 शैलेश शर्मा
राज्य सरकार की बहुप्रचारित जल जीवन मिशन योजना धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम मेडरमार में कागजों तक ही सीमित रह गई है। लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी से आज तक गांववासियों को एक बूंद भी पानी नहीं मिला। उल्टा, यह टंकी अब ग्रामीणों की पीड़ा और सरकारी तंत्र की अनदेखी का प्रतीक बन चुकी है।

पीएचई विभाग द्वारा वर्षों पहले मेडरमार कॉलोनी में पेयजल टंकी का निर्माण कराया गया था। निर्माण पूरा होने के बाद प्रत्येक घर में नल कनेक्शन भी किए गए, लेकिन पानी की आपूर्ति कभी शुरू नहीं हुई। जब टंकी में पानी भरने का प्रयास किया गया, तो उसके आधार और दीवारों से रिसाव शुरू हो गया, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। टंकी की स्थिति देखकर अब स्वयं ठेकेदार पानी भरने से डर रहा है। विभाग को समस्या की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई तकनीकी जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।
पेयजल संकट से परेशान ग्रामीण अब घरों से नल उखाड़ फेंक रहे हैं। उनका कहना है कि यदि 15 दिनों के भीतर जल आपूर्ति चालू नहीं की गई, तो वे विभागीय कार्यालयों का घेराव कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
Author: Deepak Mittal










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