नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध फेंटानिल को लेकर ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करते हुए गैर-कानूनी फेंटानिल और उसके प्रमुख प्रीकर्सर केमिकल्स को बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाला हथियार (WMD) घोषित कर दिया है।
इस फैसले के बाद फेंटानिल को न्यूक्लियर, केमिकल और बायोलॉजिकल हथियारों की श्रेणी में रखा गया है। व्हाइट हाउस ने साफ कहा है कि यह कदम फेंटानिल बनाने और उसकी तस्करी करने वाले आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ हर संभव सख्त कार्रवाई का रास्ता खोलता है।
‘नशीली दवा नहीं, केमिकल हथियार है फेंटानिल’
व्हाइट हाउस की चेतावनी और भी डराने वाली है। बयान में कहा गया है कि फेंटानिल का इस्तेमाल दुश्मन देश या आतंकी संगठन हथियार की तरह कर सकते हैं। आदेश में साफ लिखा गया—
“अवैध फेंटानिल किसी ड्रग से ज्यादा, एक केमिकल हथियार जैसा है।”
क्या है फेंटानिल?
फेंटानिल एक बेहद ताकतवर सिंथेटिक ओपिओइड है, जिसे मूल रूप से दर्द के इलाज और एनेस्थीसिया के लिए विकसित किया गया था।
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यह मॉर्फिन से करीब 100 गुना
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और हेरोइन से 50 गुना ज्यादा शक्तिशाली है।
फेंटानिल को 1959 में विकसित किया गया और 1960 के दशक में मेडिकल उपयोग के लिए मंजूरी मिली। अमेरिका में इसका कानूनी उत्पादन होता है, लेकिन यही दवा जब अवैध रूप में बनाई और बेची जाती है, तो यह जानलेवा ज़हर बन जाती है।
2 मिलीग्राम… और मौत तय!
फेंटानिल को इतना खतरनाक बनाने वाली सबसे बड़ी बात इसकी अत्यधिक शक्ति है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सिर्फ 2 मिलीग्राम फेंटानिल किसी इंसान की जान लेने के लिए काफी है।
अक्सर लोगों को यह तक पता नहीं होता कि वे फेंटानिल ले रहे हैं, क्योंकि इसे—
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नकली पेनकिलर गोलियों में
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हेरोइन, कोकीन या मेथामफेटामाइन में
मिला दिया जाता है।
आंकड़े जो रूह कंपा दें
CDC (अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र) के आंकड़ों के अनुसार—
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2011-12 में सिंथेटिक ओपिओइड से मौतें: करीब 2,600
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2021 में यही आंकड़ा बढ़कर 71,000 से ज्यादा हो गया
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2013 से 2021 के बीच 2.6 लाख से अधिक लोगों की मौत
यानी हर साल यह ड्रग अमेरिका में हजारों घर उजाड़ रहा है।
सड़कों पर कैसे बिकता है फेंटानिल?
अवैध बाजार में फेंटानिल—
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पाउडर
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नकली गोलियों
के रूप में मिलता है।
इसके स्ट्रीट नेम भी उतने ही खौफनाक हैं—
‘चाइना गर्ल’, ‘किंग आइवरी’, ‘टैंगो एंड कैश’।
इसे इंजेक्ट किया जाता है, सूंघा जाता है, स्मोक किया जाता है या निगल लिया जाता है।
क्यों मानी जा रही है यह WMD जैसी चीज?
अमेरिकी सरकार का मानना है कि फेंटानिल:
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आसानी से बनाया जा सकता है
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चुपचाप बड़ी आबादी को मार सकता है
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और इसे ड्रग नहीं बल्कि साइलेंट केमिकल हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन ने इसे बम से भी ज्यादा खतरनाक करार देते हुए सीधे WMD की कैटेगरी में डाल दिया है।
Author: Deepak Mittal










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