आज के समय में बच्चों की दिनचर्या मोबाइल, टीवी और इंटरनेट तक सीमित होती जा रही है, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बच्चों के जीवन में योगासन और प्राणायाम को शामिल करने की सलाह देता है।
योग न केवल शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि मन को भी शांत और एकाग्र करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बचपन से ही योग को दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए, तो यह जीवनभर लाभकारी साबित होता है। नियमित योगाभ्यास से बच्चों की शारीरिक शक्ति, मानसिक संतुलन, एकाग्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
ताड़ासन (Tadasana)
ताड़ासन बच्चों की लंबाई बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इस आसन में बच्चे पंजों के बल खड़े होकर हाथों को ऊपर की ओर खींचते हैं, जिससे शरीर में खिंचाव आता है और रीढ़ की हड्डी सीधी होती है। यह आसन शरीर के संतुलन और मानसिक शांति के लिए भी लाभकारी है।
वृक्षासन
वृक्षासन में एक पैर पर खड़े रहने से बच्चों की एकाग्रता और संतुलन क्षमता बढ़ती है। यह आसन पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
अन्य उपयोगी योगासन
ताड़ासन और वृक्षासन के अलावा पादहस्तासन, वक्रासन और पश्चिमोत्तानासन भी बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। ये आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं, भूख बढ़ाते हैं और शरीर के मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखते हैं। इसके साथ ही, ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करते हैं।
Author: Deepak Mittal










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