आरंग। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय के द्वारा कार्तिक पूर्णिमा का आध्यात्मिक रहस्य बताया गया बीके लता बहन ने कहा कि कार्तिकेय को शास्त्रों में बताया गया है वह एक शिव वंशज है अर्थात शंकर के पुत्र है उन्होंने एक बाल ब्रह्मचारी थे त्यागी , तपस्वी, राजयोगी व धारणा मूर्त थे ।
उन्होंने ब्रह्म मुहूर्त गंगा स्नान के दौरान सूर्य देव व ब्रह्मांड से शक्ति लेकर वासनाओं का त्याग किया था उसी दिन से कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करते आ रहे कार्तिक पूर्णिमा में आए हुए श्रद्धालु को प्रसाद वितरण भी किया गया ।
मेला में सेवा देने वाले सेवाधारी ग्राम आरंग, भानसोज ,नारा, कुकरा , रीवा , देवरी,गुल्लू चपरीद कुसमुन्द से उपस्थित थे।
संकलनकर्ता – रोशन चंद्राकर
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8166262
Total views : 8192650