सरगुजा जिले के प्रतापगढ़ स्थित डीएवी स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा के साथ महिला शिक्षिका द्वारा अमानवीय सज़ा देने का मामला सामने आया है।
छात्रा को कक्षा में 100 बार उठक-बैठक कराने और डंडे मारने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। बच्ची अब पैरों पर खड़ी होने और चलने में असमर्थ है। चिकित्सकों ने बताया कि छात्रा के पैरों के मसल्स क्रैक हो गए हैं।
घटना सीतापुर ब्लॉक के डीएवी स्कूल प्रतापगढ़ की है। स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षिका नम्रता गुप्ता की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों को समय पर सूचना नहीं देने और कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोप में स्कूल के प्रिंसिपल राजीव सिंह को फोर्स लीव पर भेजा गया है।
डीएवी छत्तीसगढ़ के रीजनल ऑफिसर ने बताया कि कार्रवाई छात्रा के बयान के आधार पर की गई है। साथ ही, प्रतापगढ़ स्कूल मैनेजर को 10 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
पीड़ित छात्रा समृद्धि गुप्ता (8 वर्ष) ने बताया कि वह टॉयलेट जा रही थी, तभी टीचर नम्रता गुप्ता ने रोककर उससे कारण पूछा। जवाब देने पर शिक्षिका ने उसे दो डंडे मारे और कक्षा में ले जाकर 100 बार उठक-बैठक करने की सज़ा दी।
इसके बाद छात्रा को घुटनों और पैरों में तेज दर्द हुआ, जिसके चलते वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गई। वर्तमान में उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
समृद्धि के पिता मनोज गुप्ता अंबिकापुर में रहते हैं और काम करते हैं। जबकि समृद्धि अपने बड़े पिता अनुराग गुप्ता के पास गुतुरमा में रहकर पढ़ाई करती है।
इस मामले पर स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि विद्यालय में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और छात्रा के आरोपों की पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। घटना के दिन की फुटेज देखी जा सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नम्रता गुप्ता प्राइमरी सेक्शन की नहीं बल्कि मिडिल सेक्शन की शिक्षिका हैं।
Author: Deepak Mittal










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