(जे के मिश्रा ) बिलासपुर तखतपुर। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में तखतपुर पुलिस और एसीसीयू ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 854 नशीले इंजेक्शन (रेक्सोजेनिक एम्पुल) जब्त किए हैं। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बिलासपुर पुलिस अब मादक पदार्थों के अवैध व्यापार को खत्म करने के लिए लगातार प्रयासरत है, और इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई।
सूचना के आधार पर पुलिस को खबर मिली कि तखतपुर का निवासी अमित ठाकुर नशीले इंजेक्शन बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा है। इस सूचना पर तखतपुर और एसीसीयू की टीम ने घेराबंदी कर अमित ठाकुर को पकड़ लिया। उसकी कार की तलाशी लेने पर 54 नग नशीले इंजेक्शन (रेक्सोजेनिक एम्पुल) बरामद हुए। सख्त पूछताछ में अमित ने खुलासा किया कि ये नशीले इंजेक्शन उसे पथरिया के महेंद्र सागर से मिले थे और वह उसे और नशीले इंजेक्शन देने वाला था।

इसके बाद पुलिस ने महेंद्र सागर को भी घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। महेंद्र के पास से 300 नग नशीले इंजेक्शन और एक स्विफ्ट कार तथा मोटरसाइकिल जब्त की गई। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ अप. क्र. 465/2024 के तहत नारकोटिक एक्ट की धारा 21 और 22 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
महेंद्र की पूछताछ में पता चला कि नशीले इंजेक्शन की सप्लाई उसकी चाची ललिता सागर से होती है। इस जानकारी के बाद पुलिस की टीम ने पथरिया के बदरा ठाकुर थाना क्षेत्र में जाकर ललिता सागर को भी गिरफ्तार किया और उसके पास से 500 नग नशीले इंजेक्शन (रेक्सोजेनिक एम्पुल) जब्त किए।
इस प्रकार, पुलिस ने इस पूरे नशे के नेटवर्क का पर्दाफाश किया और सभी प्रमुख चैनलों को ध्वस्त करने की दिशा में काम किया। अभी भी मामले की जांच चल रही है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई में कुल 854 नग नशीले इंजेक्शन, एक स्विफ्ट कार, एक मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 12,65,000 रुपये आंकी गई है।
पुलिस की यह कार्रवाई नशे के अवैध व्यापार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है और आगे भी ऐसे अभियानों को तेज किया जाएगा।
Author: Deepak Mittal










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