कुपोषण के खिलाफ गढ़चिरौली में ‘गिफ्ट मिल्क’ का सफल प्रयोग

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Deepak Mittal


Punit Jejani
District bureu Gadchiroli Maharashtra

२० हजार विद्यार्थियों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव – मुख्यमंत्री फडणवीस की पहल

गडचिरोली: गढ़चिरौली जिले के हजारों बच्चों को रोजाना मिलने वाले पौष्टिक दूध से उनके स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री एवं जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर शुरू किए गए ‘गिफ्ट मिल्क’ कार्यक्रम से कुपोषण के खिलाफ जंग आसान हुई है तथा स्कूली विद्यार्थियों के शारीरिक, बौद्धिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा मिल रहा है।

यह उपक्रम मझगांव डॉक लिमिटेड ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व निधि से राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड की फाउंडेशन फॉर न्यूट्रिशन के माध्यम से शुरू किया है। गरीब और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 200 मिली फ्लेवर्ड दूध दिया जा रहा है। 5 से 15 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में कुपोषण कम करना और विद्यालय में उपस्थिति बढ़ाना, यही इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

पिछले वर्ष धानोरा, कुरखेड़ा, देसाईगंज और कोरची तहसीलों के 472 सरकारी व जिला परिषद स्कूलों में यह कार्यक्रम लागू किया गया। इससे पहली से पाँचवीं तक के 16,618 तथा छठी से आठवीं तक के 4,170 यानी कुल 20,888 विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिला। इस वर्ष यह उपक्रम आरमोरी तहसील की 124 शालाओं में शुरू किया जा रहा है और सितंबर से 9,337 विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने वाला है।

विद्यालय प्रशासन और अभिभावकों के अनुसार, इस योजना से बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और उनकी विद्यालय में नियमित उपस्थिति बढ़ी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में गढ़चिरौली जिले में इसे और व्यापक स्तर पर लागू करने की इच्छा व्यक्त की है।

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली मझगांव डॉक लिमिटेड, जो एक जहाज निर्माण कंपनी है, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, आधारभूत संरचना और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सामाजिक जिम्मेदारी निभा रही है। ‘गिफ्ट मिल्क’ कार्यक्रम गढ़चिरौली के लिए उनका एक महत्वपूर्ण उपक्रम सिद्ध हो रहा है।

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Author: Deepak Mittal

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