दल्ली राजहरा, 21 जुलाई – डे-एनयूएलएम के तहत संचालित साथी परियोजना के अंतर्गत साथी बाजार और साथी मिलेट्स कैफे की स्थापना को लेकर नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा में महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों और स्ट्रीट वेंडरों को आत्मनिर्भर बनाना एवं उन्हें मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पादों के निर्माण और विपणन के लिए प्रशिक्षित करना था।
नगर पालिका परिषद के सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में मिलेट्स साथी योजना के राज्य प्रमुख अनुराग लाल (इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर) एवं सिटी मिशन मैनेजर केतन नायक द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से सहभागी प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में मिलेट्स आधारित विभिन्न स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजनों जैसे – इडली, डोसा, समोसा, पनीर चिल्ली, भेल, दाल बड़ा, पापड़, चार्ट, पानीपुरी, छोले तवा पुलाव, राजमा चावल, आलू पराठा, पोहा इत्यादि की विधियों, पोषण तत्वों, बाजार संभावनाओं और उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर नगर के महिला स्व-सहायता समूहों, स्ट्रीट वेंडर्स और आजीविका मिशन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपस्थित लोगों ने साथी मिलेट्स कैफे की अवधारणा को न केवल समझा, बल्कि इसे रोजगार के एक प्रभावी साधन के रूप में अपनाने की इच्छा भी जताई।
इस अवसर पर नगर पालिका से जुड़े पार्षदगण, सामुदायिक संगठन प्रतिनिधि, सीआरपी सदस्य, और महिला समूह की सक्रिय सदस्याएं जैसे – भूपेंद्र श्रीवास, उमेश्वरी नेताम, लक्ष्मी सिंह, डॉली सिंह, पुष्पा सलोढ़े, चंद्रिका रजक, संत्री निर्मलकर, चित कुमार एवं अन्य नगरपालिका अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि मिलेट्स जैसे मोटे अनाज सिर्फ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नहीं, बल्कि इससे स्थानीय रोजगार, उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथी बाजार और साथी मिलेट्स कैफे के माध्यम से महिलाओं को न सिर्फ स्वरोजगार मिलेगा, बल्कि वे अपने उत्पादों को स्थानीय और डिजिटल बाजारों तक पहुंचाने में सक्षम होंगी।
कार्यशाला के अंत में सहभागी समूहों ने एकमत होकर इस परियोजना को सफल बनाने का संकल्प लिया। दल्ली राजहरा में इस तरह के नवाचारपूर्ण कार्यक्रमों के माध्यम से शहर की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में बदलाव की एक नई शुरुआत हो रही है!

Author: Deepak Mittal
