RJD नेताओं ने तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर दी बधाई, पार्टी में दिखा पीढ़ीगत बदलाव

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने शनिवार को तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद सम्मानित किया। पटना स्थित RJD कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से पदभार सौंपा गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उन्हें चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया, जिसे संगठन में नेतृत्व परिवर्तन का प्रतीक माना जा रहा है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला RJD के भीतर पीढ़ीगत बदलाव और आगामी चुनावी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसे पार्टी को नई ऊर्जा देने और संगठन को और मज़बूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

तेजस्वी यादव का तेजी से बढ़ता राजनीतिक कद

तेजस्वी यादव का राजनीतिक सफर अपेक्षाकृत कम समय में काफी तेज़ी से आगे बढ़ा है। राजनीति में आने से पहले वे खेल जगत से जुड़े रहे, लेकिन 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई और शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

RJD का सबसे प्रमुख चेहरा बने तेजस्वी

पिछले कुछ वर्षों में तेजस्वी यादव RJD के सबसे प्रभावशाली और प्रमुख नेता के रूप में उभरे हैं। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनाने में उनकी अहम भूमिका रही, जिससे उनका कद संगठन के भीतर और मजबूत हुआ।

लालू प्रसाद यादव की भूमिका रहेगी मार्गदर्शक की

RJD की स्थापना वर्ष 1997 में लालू प्रसाद यादव ने चारा घोटाले के बाद जनता दल से अलग होकर की थी। सामाजिक न्याय की राजनीति पर आधारित यह पार्टी पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण पर केंद्रित रही है और मंडल युग में बिहार की राजनीति में एक बड़ी ताकत बनकर उभरी।

तेजस्वी यादव की पदोन्नति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि लालू प्रसाद यादव पार्टी के वैचारिक मार्गदर्शक की भूमिका में बने रहेंगे, जबकि संगठनात्मक नियंत्रण और चुनावी रणनीति की कमान अब तेजस्वी यादव के हाथों में होगी।

2029 की तैयारी में जुटी RJD

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नियुक्ति से RJD में नई जान फूंकी जाएगी और पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर अधिक आक्रामक रणनीति अपनाएगी। यह कदम न सिर्फ RJD के भविष्य को दिशा देगा, बल्कि बिहार के राजनीतिक समीकरणों पर भी इसका दूरगामी असर पड़ सकता है।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Comment

Leave a Comment