Entertainment: थलपति विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जना नायकन’ की रिलीज़ एक बार फिर टल गई है। बताया जा रहा है कि अभिनेता की राजनीतिक सक्रियता का असर अब उनके फिल्मी करियर पर भी दिखाई देने लगा है। फिल्म को पहले पोंगल सीज़न में रिलीज़ किया जाना था, लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से जुड़े विवाद के चलते मेकर्स को रिलीज़ टालनी पड़ी।
सेंसर से जुड़े मुद्दों के बाद फिल्म निर्माताओं ने पहले मद्रास हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। मेकर्स ने CBFC के फैसले को चुनौती देने के लिए एक असामान्य कानूनी रास्ता अपनाया, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए केस को वापस मद्रास हाई कोर्ट भेज दिया था। इसके बाद प्रोडक्शन टीम ने अपनी रणनीति बदलने का फैसला किया।
ताज़ा जानकारी के मुताबिक, KVN प्रोडक्शन LLP ने अब CBFC के खिलाफ दायर की गई रिट याचिका वापस ले ली है। प्रोडक्शन हाउस के वकील विजयन सुब्रमण्यम ने एक पत्र के ज़रिए मद्रास हाई कोर्ट रजिस्ट्री को सूचित किया कि निर्माता अब कानूनी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाएंगे और सीधे CBFC की रिवाइजिंग कमेटी से संपर्क करेंगे।
हालांकि, इस फैसले के समय को लेकर सवाल उठ रहे हैं। देरी के चलते फिल्म को पोंगल जैसे बड़े और मुनाफे वाले रिलीज़ सीज़न का फायदा नहीं मिल सका। फरवरी की शुरुआत में रिलीज़ का अवसर भी हाथ से निकल चुका है, जिससे फिल्म की शुरुआती रफ्तार पर असर पड़ा है।
एक विकल्प यह भी माना जा रहा था कि फिल्म को तमिलनाडु के आम चुनावों के बाद रिलीज़ किया जाए, लेकिन इससे दर्शकों की रुचि कम होने का खतरा था। चुनाव नज़दीक आने और OTT प्लेटफॉर्म्स से बढ़ते दबाव को देखते हुए मेकर्स ने आखिरकार केस वापस लेने का निर्णय लिया।
हालांकि यह कदम ज़रूरी माना जा रहा है, लेकिन कई लोगों का मानना है कि यह फैसला काफी देर से लिया गया है और फिल्म के प्रमोशन पर पड़े असर की भरपाई आसान नहीं होगी। अब थलपति विजय के फैंस को इस बात का इंतज़ार है कि इन सभी अड़चनों के बीच ‘जना नायकन’ आखिरकार सिनेमाघरों में कब दस्तक देगी।
Author: Deepak Mittal










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