राजहरा परिवहन संघ का आर-पार का आंदोलन
धरना दूसरे दिन भी जारी, 31 अगस्त तक नहीं मानेंगी मांगें तो 1 सितंबर से ठप होगा लौह अयस्क परिवहन
दल्लीराजहरा। राजहरा परिवहन संघ ने लौह अयस्क और पैलेट परिवहन कार्य में हिस्सेदारी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन छेड़ दिया है। शुक्रवार को दूसरे दिन भी माइंस ऑफिस के मुख्य द्वार पर सैकड़ों परिवहनकर्मी एकजुट होकर ज़बरदस्त नारेबाजी करते नज़र आए। संघ का ऐलान है कि अगर 31 अगस्त तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 1 सितंबर से बीएसपी द्वारा किया जा रहा लौह अयस्क परिवहन पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।
बीस बरस से लंबित मांगें, धैर्य टूटा
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वे 20-22 वर्षों से लौह अयस्क परिवहन कार्य में हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं, लेकिन बीएसपी प्रबंधन लगातार वादाखिलाफी और टालमटोल कर रहा है। कई दौर की बैठकों के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं निकला। इससे नाराज़ होकर संघ ने इस बार आरपार की लड़ाई छेड़ दी है।
संघ की पांच प्रमुख मांगें
1. दल्लीराजहरा से भिलाई तक लौह अयस्क परिवहन में 25-40% हिस्सा स्थानीय संघ को मिले।
2. हितकसा पैलेट प्लांट से तैयार पैलेट का परिवहन कार्य संघ को दिया जाए।
3. बीएसपी द्वारा निजी क्षेत्र को बेचे जाने वाले अनुपयोगी लौह अयस्क का परिवहन स्थानीय वाहकों को सौंपा जाए।
4. जिले में रोजगार सृजन हो और पलायन पर रोक लगे।
5. DMF राशि का अधिकतम उपयोग दल्लीराजहरा के विकास कार्यों में किया जाए।
संघ का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने पर न सिर्फ वाहन मालिक, बल्कि टायर-मैकेनिक, ऑटो पार्ट्स विक्रेता, ड्राइवर-हेल्पर और रिपेयरिंग दुकानदार जैसे सैकड़ों परिवार सीधे-परोक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
जनप्रतिनिधियों का समर्थन, जनता की उम्मीदें
धरना स्थल पर विभिन्न संगठनों के जनप्रतिनिधियों ने परिवहन संघ की मांगों को जायज ठहराते हुए भरोसा दिलाया कि वे बीएसपी प्रबंधन से बात करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े खनन क्षेत्र में रहते हुए भी अगर दल्लीराजहरा के युवाओं और व्यवसायियों को हक़ नहीं मिला तो शहर का उजड़ना तय है।
संघ का साफ ऐलान – “अब पीछे हटने का सवाल नहीं”
संघ ने चेतावनी दी है कि अब भरोसे और झूठे वादों से काम नहीं चलेगा। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना और आंदोलन जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन में संदीप शाहा, संतोष देवांगन, काकू रंधावा, सुनील जायसवाल, प्रदीप बरमोटे, विवेक, रंजीत सिंह समेत सैकड़ों सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे।

Author: Deepak Mittal
