
बिलासपुर : केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि देश की अर्थव्यवस्था पहले की तुलना में अब अधिक लचीली और मजबूत स्थिति में है। उन्होंने बताया कि वर्तमान अर्थव्यवस्था कल्याण, राजकोषीय विवेक, पूंजी निवेश और विनिर्माण में निवेश का एक संयोजन है।
आज प्रस्तुत किए गए बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समावेशी विकास पर केंद्रित आर्थिक नीतियों की निरंतरता बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार का पिछले दस वर्षों का मुख्य आधार रहा है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2024-25 पेश किया। इस वित्त वर्ष के लिए सरकार ने रेलवे के लिए रिकॉर्ड 2,62,200 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय आवंटित किया है। इस वर्ष के दौरान रेलवे को सकल बजटीय सहायता 2,52,200 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष 2,40,200 करोड़ रुपये थी।
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2023-24 में 1588 मीट्रिक टन का सर्वकालिक उच्च माल लदान हासिल किया है, जो 2014-15 में 1095 मीट्रिक टन था। रेलवे 2030 तक 3,000 मीट्रिक टन के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। 2023-24 में रेलवे ने 2,56,093 करोड़ रुपये की सर्वकालिक उच्च कुल प्राप्तियां हासिल कीं और पूंजीगत व्यय के पूरक के लिए 3,260 करोड़ रुपये का शुद्ध राजस्व उत्पन्न किया।
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “मैं रेलवे के लिए 2,62,200 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आवंटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद करता हूँ। पिछले 10 वर्षों में, रेलवे ने 31,180 ट्रैक किलोमीटर चालू किए हैं। ट्रैक बिछाने की गति 2014-15 में 4 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर 2023-24 में 14.54 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है। 2014-2024 के दौरान, भारतीय रेलवे ने 2014 तक केवल 21,413 रूट किलोमीटर की तुलना में 41,655 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया है।”
इस वर्ष के बजट में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त धनराशि आवंटित की गई है, जो रणनीतिक नोड्स पर औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे का समर्थन करेगी। इनमें विशाखापत्तनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारे पर कोप्पार्थी, आंध्र प्रदेश में हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे पर ओर्वाकल और बिहार में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे पर गया शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य भारत के पूर्वी क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देना है।
रेलवे ने बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए एक नया दृष्टिकोण अपनाया है। पीएम गति शक्ति मिशन के तहत तीन आर्थिक रेलवे कॉरिडोर – ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर (192 परियोजनाएं); बंदरगाह कनेक्टिविटी कॉरिडोर (42 परियोजनाएं) और उच्च यातायात घनत्व कॉरिडोर (200 परियोजनाएं) की पहचान की गई है।
सरकार की प्राथमिकताएं क्षमता वृद्धि, उच्च घनत्व वाले नेटवर्क की भीड़भाड़ को कम करना, देश में लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाना, यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना और उनकी सुरक्षा बनी हुई हैं।
Author: Deepak Mittal










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