स्याही विवाद पर राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, BJP का पलटवार

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नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमिट स्याही विवाद को लेकर भारतीय चुनाव आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी को “बढ़ावा” देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र में जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। कांग्रेस पार्टी लंबे समय से चुनाव आयोग पर सवाल उठाती रही है और इसी कड़ी में यह बयान सामने आया है।

राहुल गांधी की यह टिप्पणी महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों, जिनमें बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) भी शामिल है, के चुनावों की मतगणना शुरू होने के तुरंत बाद आई। विपक्ष का आरोप है कि नगर निगम चुनावों में वोटर फ्रॉड हुआ है। इससे एक दिन पहले ठाकरे भाइयों ने भी चुनाव में गड़बड़ी का दावा करते हुए मतदान के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली अमिट स्याही की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े किए थे।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “चुनाव आयोग द्वारा नागरिकों को गुमराह करना ही हमारे लोकतंत्र में भरोसे के खत्म होने का कारण है। वोट चोरी एक राष्ट्र-विरोधी कृत्य है।”

राहुल गांधी के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने तुरंत पलटवार किया। BJP नेताओं ने कहा कि यह विपक्ष की संभावित हार से ध्यान भटकाने और चुनाव आयोग को बलि का बकरा बनाने की कोशिश है। पार्टी का दावा है कि विपक्ष BMC सहित महाराष्ट्र के अन्य नगर निकायों में हार की ओर बढ़ रहा है, इसलिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने विपक्ष को “बहाना ब्रिगेड” बताते हुए कहा, “गिनती पूरी होने से पहले ही हार मान ली गई है। राहुल गांधी वही कर रहे हैं, जो वह सबसे बेहतर जानते हैं—बदनाम करना, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना और गलत जानकारी फैलाना।” उन्होंने यह भी कहा कि स्याही विवाद की जांच होनी चाहिए, लेकिन मतदान के दिन किसी भी तरह के फ्रॉड की एक भी पुष्टि नहीं हुई है।

एक अन्य BJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि “परिवारवादी” पार्टियां जांच से बचने के लिए झूठी कहानियां गढ़ रही हैं। BJP नेता प्रदीप भंडारी ने X पर लिखा, “हर चुनाव में ‘परिवारवादी’ जांच से बचने के लिए आरोप लगाते हैं, जो अंततः कानून की अदालत और जनता की अदालत में झूठे साबित होते हैं।”

गौरतलब है कि गुरुवार को उस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि मतदान के बाद वोटरों पर लगाई गई अमिट स्याही आसानी से मिट रही थी। विपक्षी नेताओं, जिनमें स्थानीय कांग्रेस नेता भी शामिल हैं, ने आरोप लगाया कि कई बूथों पर अमिट स्याही की जगह मार्कर का इस्तेमाल किया गया, जिसे सैनिटाइज़र से मिटाया जा सकता था।

मामला तूल पकड़ने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने जांच के आदेश दिए। आयोग ने मीडिया को बताया कि वायरल वीडियो और दावों की विस्तृत जांच की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे वास्तविक हैं या शरारतपूर्ण। निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि मतदान की मानक प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है और BMC चुनावों में भी वही स्याही इस्तेमाल की गई है, जो आमतौर पर चुनावों में प्रयोग होती है।

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Author: Deepak Mittal

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