नई दिल्ली: साल 2025 रियल एस्टेट सेक्टर के लिए न पूरी तरह फायदेमंद रहा और न ही पूरी तरह नुकसानदेह, लेकिन साल के आखिरी महीनों ने बाजार की चिंता जरूर बढ़ा दी है। देश के बड़े शहरों में बिना बिके मकानों (Unsold Inventory) की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या 2026 में प्रॉपर्टी के रेट टूट सकते हैं?
7 लाख घर बिकने का इंतजार कर रहे, बाजार में मचा हड़कंप
एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश के टॉप 10 शहरों में करीब 7 लाख हाउसिंग यूनिट्स अनसोल्ड पड़ी हैं। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि रियल एस्टेट बाजार में डिमांड और सप्लाई के बीच बड़ा गैप बन चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो इसका सीधा असर घर की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
तैयार फ्लैट्स की भरमार, खरीदार गायब
रिपोर्ट में सामने आया है कि बिल्डर्स के पास बड़ी संख्या में फ्लैट्स या तो पूरी तरह बनकर तैयार हैं या निर्माण के अंतिम चरण में हैं, लेकिन खरीदारों की कमी सबसे बड़ी परेशानी बन गई है।
बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतें, आर्थिक अनिश्चितता और जॉब मार्केट में सुस्ती ने लोगों को घर खरीदने से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है।
2025 में घरों की बिक्री 14% गिरी
रियल एस्टेट सेक्टर को सबसे बड़ा झटका घर की बिक्री में 14% की गिरावट से लगा है। इसके पीछे कई अहम वजहें रहीं—
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IT सेक्टर में छंटनी
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वैश्विक तनाव और आर्थिक दबाव
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प्रॉपर्टी के लगातार बढ़ते दाम
इन कारणों ने मिलकर खरीदारों के भरोसे को कमजोर कर दिया।
बिल्डर्स पर दबाव, 2026 में कीमत घटने की आहट
बिक्री में गिरावट और अनसोल्ड इन्वेंट्री बढ़ने से अब डेवलपर्स पर भारी दबाव बन गया है।
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन शहरों में इन्वेंट्री ज्यादा है, वहां 2026 में रेट स्थिर रहने या नरमी आने की पूरी संभावना है।
बेंगलुरु सबसे ज्यादा प्रभावित
शहरों की स्थिति देखें तो—
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बेंगलुरु: अनसोल्ड इन्वेंट्री में 23% की बढ़ोतरी
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हैदराबाद: 2% की गिरावट
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MMR (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन): 1% की गिरावट
हालांकि कुछ शहरों में राहत दिखी है, लेकिन कुल मिलाकर ज्यादातर बड़े शहरों में इन्वेंट्री का बोझ बढ़ता ही जा रहा है।
कम बिक्री, फिर भी 6 लाख करोड़ पार कर गई सेल्स वैल्यू
दिलचस्प बात यह है कि बिक्री कम होने के बावजूद रियल एस्टेट सेक्टर की कुल सेल्स वैल्यू 6% बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गई।
इसकी सबसे बड़ी वजह है प्रीमियमाइजेशन।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में लॉन्च हुए नए प्रोजेक्ट्स में—
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21% घरों की कीमत 2.5 करोड़ रुपये से अधिक रही
इसका सीधा असर यह हुआ कि मिडिल क्लास खरीदार बाजार से दूर होता चला गया और किफायती घरों की इन्वेंट्री बढ़ती गई।
2026 में किस पर टिका है रियल एस्टेट का भविष्य?
एनारॉक के चेयरमैन के अनुसार, आने वाले साल में रियल एस्टेट की दिशा इन बातों पर निर्भर करेगी—
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RBI की ब्याज दरों में संभावित कटौती
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डेवलपर्स की प्राइस कंट्रोल रणनीति
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खरीदारों का भरोसा दोबारा जीतने की कोशिश
अगर ये तीनों फैक्टर साथ आए, तो 2026 घर खरीदने वालों के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकता है।
Author: Deepak Mittal










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