रायपुर/नई दिल्ली।जीएसटी चोरी सहित कई अनियमितताओं को लेकर पहले से ही विवादों में घिरी नुवोको विस्टास कॉर्पोरेशन लिमिटेड पर अब शेयरहोल्डर्स का दबाव भी बढ़ने लगा है। कंपनी के शेयरहोल्डर मिलिंद पिंगले ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को आधिकारिक पत्र लिखकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।
पिंगले का कहना है कि नुवोको विस्टास को भेजे गए उनके पत्रों और ई-मेल का कंपनी की ओर से कोई उत्तर नहीं दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि कंपनी जानबूझकर जवाब देने से कतरा रही है, जबकि किसी भी सूचीबद्ध कंपनी की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने निवेशकों की शंकाओं का समाधान करे।
“हम निवेशक हैं… जवाब मिलना हमारा अधिकार है” — मिलिंद पिंगले
मिलिंद पिंगले ने SEBI को भेजे पत्र में स्पष्ट लिखा है कि—
कंपनी को कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन आज तक किसी भी मेल का जवाब नहीं मिला। एक शेयरहोल्डर होने के नाते हमें पूरी पारदर्शिता के साथ जानकारी मिलनी चाहिए। कंपनी का जवाब न देना कई चीजों को संदेहास्पद बनाता है।”

उन्होंने नुवोको विस्टास के कामकाज, वित्तीय प्रक्रियाओं और शिकायत निवारण तंत्र की पूरे भारत स्तर पर जांच कराने की भी मांग की है।
जीएसटी चोरी मामले में भी सवालों के घेरे में कंपनी
इससे पहले जीएसटी चोरी के बड़े मामले में नुवोको विस्टास का नाम सामने आने के बाद कई तरह के सवाल उठे थे। जांच में देरी, अधिकारियों का पक्ष अस्पष्ट होना, फैक्ट्री प्रबंधन की चुप्पी और नोटिसों के जवाब लंबित रहना — यह सब कंपनी की पारदर्शिता को लेकर शंकाएं पैदा कर रहा है।

अब शेयरहोल्डर की सीधी शिकायत से मामला और गंभीर हो गया है।

निवेशकों में बढ़ी बेचैनी
कंपनी की चुप्पी से निवेशकों के बीच चिंता बढ़ रही है। शेयरहोल्डर्स का कहना है कि—
कंपनी जवाब नहीं दे रही
शिकायतों का निपटारा नहीं किया जा रहा
वित्तीय पारदर्शिता संदेह के घेरे में
बड़े स्तर पर जांच की मांग ज़ोर पकड़ रही है
SEBI मामले की जांच करेगा या नहीं — निवेशकों की नजर
मिलिंद पिंगले की शिकायत के बाद अब निगाहें SEBI की कार्रवाई पर टिक गई हैं। अगर नियामक संस्था इस पर संज्ञान लेती है, तो नुवोको विस्टास के लिए मुश्किलें और बढ़ सकती हैं!
Author: Deepak Mittal










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