आरंग , प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय आरंग में दीपावली धूमधाम से मनाया गया जिसमें संचालिका बी के लता बहन जी ने दीपावली के रहस्य बताते हुए कहा दीपमाला अविनाशी अनेक जगे हुए दीपों का यादगार है, सतयुग में जब लक्ष्मी नारायण 16 कलह संपूर्ण होते हैं तो चमकती हुई आत्माएं दीपक की लव मिसल दिखाई देती है इसलिए चमकती हुई दिव्य आत्माएं का यादगार स्थूल दीपक की ज्योति में दिखाया गया है जो भी आत्माएं इस समय गीता ज्ञान सुनकर धारणा स्वरूप बनते हैं वही सतयुग में लक्ष्मी नारायण अर्थात देवी देवता बनते हैं इसलिए सभी को गीता ज्ञान सुनने का नियम पक्का कराते हुए सबके हाथों में एक साथ सैकड़ों दीप प्रज्ज्वलित किया गया जो दृश्य बहुत ही मन मोहक दिखाई दे रहा था साथ ही साथ सबको मिठाई प्रसाद खिलाकर दीपावली धूमधाम से मनाया गया
लगभग 20 गांव से भाई बहने आए हुए थे।भानसोज, नारा, सनडी, कुकरा, रीवा लखौली, फरफोद, बरछा, देवरी, चपरीद, समोदा , गुल्लू, बैहार, रसनी,
बोढरा, कुसमुन्द, भिलाई, चरौदा,
छटेरा,चरौदा, पारागांव व अन्य गांव से सैकड़ों लोगों ने दीपावली धूमधाम से मनाया गया।
संकलनकर्ता – रोशन चंद्राकर
Author: Deepak Mittal









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