संसद के मानसून सत्र का आज सोमवार से आगाज हो रहा है. संसद सत्र में विपक्ष के कई मुद्दों को लेकर पूरी तरह से हमलावार होने के आसार हैं. सत्र के शुरू होने से पहले संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मानसून नवीनता और नवसृजन का प्रतीक है.
कृषि के लिए लाभदायक मौसम होता है. मानसून सत्र देश के लिए बहुत ही गौरवपूर्ण सत्र है.
इससे पहले कांग्रेस ने मानसून सत्र के पहले दिन पीएम मोदी के पारंपरिक संबोधन से पहले सोमवार को कहा कि विपक्ष की ओर से जब पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले, फिर ऑपरेशन सिंदूर और इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावे का मुद्दा उठाए जाए तो पीएम को सदन में मौजूद रहना चाहिए.
संसद का मानसून सत्र आज सोमवार (21 जुलाई) से शुरू हो रहा है और 21 अगस्त तक कुल 21 बैठकें प्रस्तावित हैं. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा, ‘कुछ ही देर में सज-धज कर प्रधानमंत्री संसद भवन के बाहर अपने चिर-परिचित अंदाज में मीडिया के सामने देश के नाम अपना संदेश देंगे. हर बार की तरह, इस बार भी वही घिसी-पिटी, खोखली बातें दोहराई जाएंगी.’
उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी संसद में बहुत, बहुत, बहुत कम दिखाई देते हैं. वह साल में केवल एक बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हैं लेकिन इस बार जब पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और राष्ट्रपति ट्रंप से जुड़े मुद्दे संसद में चर्चा के लिए आएंगे तो उन्हें देश के प्रति अपनी जवाबदेही जरूर निभानी चाहिए.’
जयराम रमेश ने पीएम मोदी के ब्रिटेन और मालदीव के प्रस्तावित दौरों पर निशाना साधते हुए कहा, ’48 घंटे बाद यह सुपर प्रीमियम फ्रीक्वेंट फ्लायर प्रधानमंत्री एक और विदेशी दौरे पर निकल पड़ेंगे. मणिपुर की जनता के पास निराश होने की एक और वजह होगी.’
Author: Deepak Mittal










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