नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। साउथ दिल्ली से सामने आए एक सनसनीखेज मामले में साइबर ठगों ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को करीब तीन दिनों तक तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर लगभग 7 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। यह मामला ग्रेटर कैलाश इलाके का है, जिसने एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को डराया और कहा कि वह एक गंभीर मामले में फंसी हुई हैं। ठगों ने किसी से भी संपर्क करने पर गिरफ्तारी की धमकी दी। मानसिक दबाव और भय के चलते बुजुर्ग महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में अपनी जमा पूंजी ट्रांसफर कर दी।
मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर यूनिट ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन खातों में गई और इसके पीछे कौन-सा संगठित साइबर गिरोह सक्रिय है।
पहले भी सामने आ चुका है बड़ा मामला
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी ग्रेटर कैलाश इलाके से 14 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी का मामला सामने आया था। उस केस में अमेरिका से लौटकर दिल्ली में रह रहे डॉक्टर दंपति को साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया था। ठगों ने 24 दिसंबर से 9 जनवरी तक दंपति को डिजिटल गिरफ्त में रखकर झूठे एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी, जिसके बाद उन्होंने 14 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
CBI तक पहुंचा डिजिटल फ्रॉड
इसी तरह का एक और मामला अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पास पहुंच गया है। मुनिरका इलाके की 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला से जुड़े डिजिटल फ्रॉड केस में CBI ने एफआईआर दर्ज की है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के दिसंबर 2025 के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस से CBI को ट्रांसफर किया गया। पीड़िता एक विधवा पेंशनभोगी हैं, जिनसे साइबर ठगों ने 1.64 करोड़ रुपये की ठगी की।
एजेंसियों की अपील
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने दिल्ली में साइबर सुरक्षा, खासकर बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जांच एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉल या वीडियो कॉल पर डरकर पैसे ट्रांसफर न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
Author: Deepak Mittal










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