रायपुर राजधानी के कोतवाली थाना क्षेत्र का निगरानीशुदा और कुख्यात गांजा तस्कर रवि साहू आखिरकार कानून के शिकंजे में आ ही गया। एनडीपीएस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दोष सिद्ध होने पर रवि साहू को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रवि साहू पर रायपुर जिले के विभिन्न थानों में 40 से 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गांजा तस्करी, सट्टा-जुआ, अवैध शराब कारोबार, मारपीट, धमकाने, हत्या के प्रयास और वर्ष 2023 में माना बस्ती में हुई लल्ला बंजारे की हत्या से जुड़ा मामला भी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक रवि साहू निगम चुनावों के दौरान नेताओं के लिए भीड़ जुटाने, शराब और पैसे का इंतजाम करने तथा गुंडों की व्यवस्था कराने का काम भी करता रहा है। उसकी आपराधिक गतिविधियों के चलते वह लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था।

विशेष लोक अभियोजक भुवन लाल साहू ने बताया कि 4 फरवरी 2025 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कालीबाड़ी चौक में दबिश दी थी। इस दौरान रवि साहू के गुर्गों को बैग में रखे गांजे की पुड़िया बनाकर बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रवि साहू के निर्देश पर गांजा की बिक्री कर रहे थे।
इस मामले में हिस्ट्रीशीटर रवि साहू सहित उसके छह साथियों—अनील उर्फ अली जुल्फेकार, संजय उर्फ लेंडी जुल्फेखार, ओडिशा के बलांगीर जिले के निवासी गणेश बागर्ती, विक्रम शाह और प्रियवंत कुम्हार—को भी दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 साल की सश्रम कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
रवि साहू की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। उसे मोहल्ले में पैदल घुमाया गया ताकि आम लोगों को यह संदेश दिया जा सके कि अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून सबसे ऊपर है और उसे सजा जरूर मिलेगी। समर्थकों द्वारा हिंसा की आशंका को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए थे।
Author: Deepak Mittal










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