नई दिल्ली: ई-कॉमर्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेज करते हुए अमेज़न इंडिया ने बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर शिपिंग चार्ज में 20 प्रतिशत की कटौती करने का फैसला किया है। इस कदम से ग्राहकों और सेलर्स—दोनों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
16 मार्च से लागू होगा नया स्ट्रक्चर
कंपनी के मुताबिक 16 मार्च से 300 से 1,000 रुपये की कीमत वाले प्रोडक्ट्स के लिए जीरो रेफरल फीस स्ट्रक्चर का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इस फैसले के तहत करीब 1,800 कैटेगरी के प्रोडक्ट्स शामिल किए गए हैं।
क्या होती है रेफरल फीस?
रेफरल फीस वह कमीशन होता है, जो कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले हर आइटम पर वसूलती है। यह आमतौर पर प्रोडक्ट की कीमत का 2% से 16.5% तक होता है।
गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में अमेज़न इंडिया ने 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर सेलर रेफरल फीस खत्म कर दी थी। अब कंपनी इस छूट का दायरा और बढ़ा रही है।
ईजी शिप फीस में 20% कटौती
नए संशोधन के तहत 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर ‘ईजी शिप’ फीस में भी 20 प्रतिशत की कमी की गई है। ईजी शिप मॉडल में सेलर्स अपने परिसर में प्रोडक्ट स्टोर करते हैं, जबकि अमेज़न पिकअप और डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालता है। यह सुविधा खासतौर पर नए सेलर्स के बीच लोकप्रिय हो रही है।
प्रतिस्पर्धियों ने भी बढ़ाया दबाव
अमेज़न से पहले Flipkart ने नवंबर में 1,000 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स के लिए जीरो-कमीशन मॉडल शुरू किया था। बाद में इसे अपने हाइपर-वैल्यू प्लेटफॉर्म Shopsy पर सभी प्रोडक्ट्स तक विस्तारित कर दिया गया।
वहीं, वैल्यू कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho ने 2022 में सबसे पहले जीरो-कमीशन मॉडल लॉन्च किया था। कंपनी का उद्देश्य छोटे और मझोले व्यवसायों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। मीशो खासतौर पर टियर-2 और उससे आगे के शहरों के ग्राहकों पर फोकस करता है।
ग्राहकों को क्या फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से प्रोडक्ट्स की कीमतों में कमी आ सकती है, जिससे ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा आने वाले समय में और आकर्षक ऑफर्स लेकर आ सकती है।
Author: Deepak Mittal










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