बलौदाबाजार : जिले में धान खरीदी व्यवस्था के तहत किए गए भौतिक सत्यापन में गंभीर लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर दीपक सोनी ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर ने 10 उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश में बताया गया है कि जिला कार्यालय द्वारा समीक्षा बैठकों एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धान खरीदी कार्य के सुचारु संचालन, नियंत्रण, पर्यवेक्षण और स्पष्ट रूप से भौतिक सत्यापन के लगातार निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित नोडल अधिकारियों द्वारा पीएचवी (PHV) ऐप में टोकन के भौतिक सत्यापन के दौरान सही तरीके से फोटो नहीं लिया गया, जो गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
नोटिस जारी किए गए नोडल अधिकारियों में बलौदाबाजार अनुभाग के उपार्जन केंद्र करमदा के सुशील पटेल, देवरी के शशि प्रकाश पटेल, सिमगा अनुभाग के उपार्जन केंद्र मोहरा के दीनदयाल चतुर्वेदी और सिमगा के सिकेश ध्रुव शामिल हैं। वहीं पलारी अनुभाग के उपार्जन केंद्र अमेरा के प्रभात वर्मा, कसडोल अनुभाग के उपार्जन केंद्र नरधा के ओ.पी. भारद्वाज, सर्वा के देवेश देवांगन, हसुवा के पुष्पेंद्र पटेल और बलदाकछार के योगेश कुमार ध्रुव को भी नोटिस जारी किया गया है।
इसके अलावा धान उपार्जन केंद्र खरतोरा में फर्जी धान खरीदी के मामले में नोडल अधिकारी देवेंद्र वर्मा को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
कलेक्टर कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित कर्मचारियों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Author: Deepak Mittal










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