दल्लीराजहरा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन एवं नवयुक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ के आह्वान पर गुरुवार 22 अगस्त को पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में कामकाज ठप रहा। इसी कड़ी में दल्लीराजहरा और आसपास के निकायों के कर्मचारियों ने भी कलम बंद–काम बंद हड़ताल कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
हड़ताल का सीधा असर आम कामकाज पर पड़ा। निकाय कार्यालयों में तालाबंदी जैसे हालात रहे, जिससे जनता को जरूरी सेवाओं के लिए भटकना पड़ा।
दल्लीराजहरा नगरपालिका कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने मोदी सरकार की गारंटी का हवाला देते हुए केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने, जुलाई 2019 से लंबित डीए एरियर को जीपीएफ में समायोजित करने, वेतन विसंगति दूर करने, प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा गणना कर सभी सेवा लाभ देने, प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगों के साथ-साथ कुल 13 सूत्रीय मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
जिला स्तर पर मजबूत उपस्थिति
दल्लीराजहरा निकाय में हड़ताल का नेतृत्व कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष गोविंद साहू ने किया। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी रामगोपाल चंद्राकर, उप अभियंता भानु प्रकाश घोष, घनश्याम शर्मा, ऐलन चंद्राकर, विपिन बेहरा, इंद्र यादव, सुनील ताराम, मनोज साहू, अनंत साहू, पंकज चंद्राकर, धरमू बक्शी, सुशील टंडन, अब्दुल कलीम, निर्भय राम नरेटी, चित कुमार कुर्रे, परदेसी राम देवांगन, दशरथ, नारायण सिंह समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
वहीं डौंडी निकाय से भी रतन भूषण वाहने, राजेंद्र साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल में शामिल होकर कर्मचारियों की ताकत को और मजबूत किया।
जनता को हुई परेशानी
निकाय के कामकाज बंद रहने से नल-जल सप्लाई, सफाई व्यवस्था, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, कर संग्रहण सहित कई जरूरी सेवाएं बाधित रहीं। लोगों ने कहा कि लंबे समय से चल रही मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, जिसकी वजह से अब कर्मचारियों को बार-बार हड़ताल जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।
आंदोलन आगे भी जारी रहने की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने साफ किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

Author: Deepak Mittal
