Prayagraj Mahakumbh Mela 2025: प्रयागराज में महाकुंभ अगले महीने शुरू होने वाला है, जिसमें राजस्थानी स्पर्श देखने को मिलेगा। यह 6,000 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसमें चार तहसील और 67 गांव शामिल हैं।
45 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में जयपुर सहित राजस्थान से 20 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान करेंगे। जयपुर और मारवाड़ जिलों के टेंट व्यापारी संगम की रेती पर बसे टेंट सिटी में तीर्थयात्रियों के लिए टेंट-आधारित कॉटेज तैयार कर रहे हैं।
महाकुंभ 2025 में राजस्थानी झलक
इस कार्यक्रम में राजस्थान के ‘दरबारी टेंट’ शामिल होंगे, जो पांच सितारा होटलों जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे। इन टेंटों के आगंतुकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण होने की उम्मीद है। पारंपरिक राजस्थानी आतिथ्य और आधुनिक सुविधाओं का अनूठा मिश्रण उपस्थित लोगों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
जयपुर और मारवाड़ के कुशल कारीगरों द्वारा तंबू आधारित आवासों को सावधानीपूर्वक तैयार किया जा रहा है। कुंभ के आध्यात्मिक माहौल के बीच ये तंबू आराम और विलासिता का वादा करते हैं। यह पहल न केवल तीर्थयात्रियों की ज़रूरतों को पूरा करती है बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर करती है।
महाकुंभ प्रयागराज 2025 में 20 लाख लोग आने की उम्मीद
महाकुंभ में 20 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, इसलिए यह एक भव्य आयोजन होने जा रहा है। राजस्थान के विभिन्न भागों से श्रद्धालुओं का आना भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता में इस आयोजन के महत्व को दर्शाता है। महाकुंभ आस्था और परंपरा का संगम है, जिसमें देश भर से लाखों लोग आते हैं। राजस्थानी तत्वों का समावेश इस आध्यात्मिक समागम में एक अनूठा आयाम जोड़ता है, जिससे इसका आकर्षण और भव्यता बढ़ जाती है।
प्रयागराज महाकुंभ 2025 में 3 शाही स्नान
पहला: 14 जनवरी (मकर संक्रांति)
दूसरा: 29 जनवरी (मौनी अमावस्या)
तीसरा: दो फरवरी (बसंत पंचमी)

Author: Deepak Mittal
