रायगढ़/जशपुर:
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने एक अभिनव पहल करते हुए ‘खौफ – द डिजिटल वॉर’ नामक लघु फिल्म का निर्माण किया है। करीब 20 मिनट की यह फिल्म एक वास्तविक घटना पर आधारित है, जिसे जशपुर पुलिस के सहयोग से तैयार किया गया है।
फिल्म की खास बात यह है कि एसएसपी सिंह ने न केवल इसका निर्देशन किया है, बल्कि इसमें मुख्य भूमिका भी निभाई है। कहानी एक मध्यमवर्गीय शिक्षक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बहन की शादी से पहले साइबर ठगों के जाल में फंस जाता है। लगातार धमकी भरे कॉल, फर्जी वीडियो कॉल और ऑनलाइन पैसे की मांग से उसका जीवन संकट में पड़ जाता है।
फिल्म के माध्यम से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे मिथक को तोड़ने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में एसएसपी सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत में “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है और यह पूरी तरह से ठगी का तरीका है।
गौरतलब है कि फिल्म की रिलीज से एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस घटना से जुड़े साइबर अपराधियों को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक के साथ साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे इस फिल्म को देखें और साइबर ठगी से बचने के उपाय समझें।
जशपुर में आयोजित प्रीमियर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की पत्नी कौशल्या देवी साय, डीजीपी अरुण देव गौतम सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राज्यभर में इस फिल्म को थिएटर, स्कूल, कॉलेज और सामुदायिक भवनों में प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया जा सके।
Author: Deepak Mittal









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