गाजा: अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बाद शनिवार का दिन गाजा पट्टी के लिए सबसे अधिक रक्तरंजित साबित हुआ। इजरायली लड़ाकू विमानों ने गाजा के विभिन्न इलाकों में भीषण हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मृतकों में एक ही परिवार की तीन छोटी बच्चियां भी शामिल हैं।
गाजा सिविल डिफेंस के अनुसार, हमले रिहायशी इमारतों, विस्थापितों के तंबुओं और एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाकर किए गए। गाजा सिटी के पश्चिम में स्थित शेख रदवान पुलिस स्टेशन पर हुए हवाई हमले में 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें पांच पुलिसकर्मी बताए जा रहे हैं। मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश अब भी जारी है।
इसके अलावा गाजा सिटी के कई रिहायशी इलाकों और खान यूनिस में विस्थापितों के टेंट कैंप पर भी बमबारी की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, अपार्टमेंट इमारतों की दीवारें जलकर काली पड़ गई हैं और चारों ओर मलबा बिखरा हुआ है। समर अल-अतबाश नामक व्यक्ति ने बताया कि उसकी तीन छोटी भतीजियों के शव सड़क पर मिले। उसने सवाल उठाया, “अगर युद्धविराम है, तो बच्चों को क्यों मारा गया?”
इजरायली सेना ने इन हमलों को युद्धविराम उल्लंघन का जवाब बताया है। सेना के अनुसार, शुक्रवार को राफा इलाके में एक सुरंग से आठ बंदूकधारी बाहर निकलते देखे गए थे, जिसके बाद मुठभेड़ हुई। यह इलाका युद्धविराम के तहत इजरायली नियंत्रण में है। इजरायल का दावा है कि इस दौरान तीन लड़ाके मारे गए और एक हमास कमांडर को गिरफ्तार किया गया। हमास की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इजरायली सेना ने कहा कि हमलों में हमास और इस्लामिक जिहाद से जुड़े कमांडरों, हथियार ठिकानों और निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया गया। वहीं, युद्धविराम के बावजूद अब तक इजरायली कार्रवाई में 500 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश नागरिक बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, फिलिस्तीनी लड़ाकों द्वारा चार इजरायली सैनिकों की मौत की पुष्टि भी की गई है।
दोनों पक्ष एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि गाजा में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
Author: Deepak Mittal










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