उत्तर प्रदेश स्थित शाहजहांपुर जिले में जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी कर दिया गया. गृह मंत्रालय द्वारा यह सूचना राज्य के मुख्य सचिव को एक पत्र के माध्यम से दी. मान्यताओं के अनुसार, जलालाबाद- भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम की जन्म स्थली मानी जाती है.
सालों से कस्बे का नाम बदलने की मांग हो रही थी.
हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब यूपी में किसी जिले या क्षेत्र या रेलवे स्टेशन का नाम बदला गया हो. वर्ष 2017 में राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद से यह सिलसिला जारी है. वर्ष 2012 में जब सपा सरकार आई तब भी 9 जिलों के नाम बदले गए थे.
आइए आपको बताते हैं कि यूपी में अब तक कितने स्थानों के नाम बदल गए-
वर्ष 2024 में अमेठी जिले के 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदले गए. इसमें कासिमपुर हाल्ट को जैस सिटी, जैस को गुरु गोरखनाथ धाम, मिसरौली को माँ कालिकन धाम, बनी को स्वामी परमहंस, निहालगढ़ को महाराजा बिजली पासी, अकबरगंज को माँ अहोरवा भवानी धाम, वारिसगंज को अमर शहीद भले सुल्तान और फुरसतगंज को तपेश्वरनाथ धाम नाम दिया गया.
वर्ष 2023 में प्रतापगढ़ जंक्शन को माँ बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन ,अंतू स्टेशन को माँ चंद्रिका देवी धाम अंतू और बिशनाथगंज को शनिदेव धाम बिशनाथगंज नाम दिया गया.
इससे पहले वर्ष 2017 इलाहाबाद जिले को प्रयागराज , 2018 में फैजाबाद को अयोध्या के तौर पर नया नाम दिया गया. वहीं मुगलसराय (नगर) को दीनदयाल उपाध्याय नगर और झांसी रेलवे स्टेशन को वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन के तौर पर बदला गया.
विश्वविद्यालय और कॉलेज्स की बात करें तो सहारनपुर स्टेट यूनिवर्सिटी को माँ शाकुंभरी यूनिवर्सिटी और औरैया मेडिकल कॉलेज को अहिल्याबाई होल्कर मेडिकल कॉलेज नाम दिया गया.
2017 से पहले भी बदले गए नाम
ऐसा नहीं है कि यह काम सिर्फ 2017 के बाद शुरू हुआ. वर्ष 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार में भी जिलों के नाम बदले गए. इसमें प्रबुद्ध नगर को शामली ,भीम नगर को संभल ,पंचशील नगर को हापुड़ ,महामाया नगर को हाथरस ,ज्योतिबा फुले नगर को अमरोहा ,काशीराम नगर को कासगंज ,छत्रपति शाहूजी महाराज नगर को अमेठी ,रामाबाई नगर को कानपुर देहात और संत रविदास नगर को भदोही किया गया.

Author: Deepak Mittal
